देवरिया। आर्यन की हत्या का आरोपी कक्षा 10वीं का छात्र है। लेकिन जिस पेशेवर अंदाज में उसने वारदात को अंजाम दिया उससे हर कोई हैरत में है। आरोपी ने बताया कि आर्यन का अपहरण कर हत्या करने के लिए उसने यूट्यूब पर कई फिल्में देखकर तरीका सीखा था। आर्यन के घरवालों को शक न हो, इसलिए हत्या करने के बाद पूरी मेहनत के साथ उसकी तलाश करता रहा। पुलिस के सामने उसने बयान दिया कि आर्यन को मारने से पहले उसे खूब खिलाया और शाम होने का इंतजार करता रहा। जब अंधेरा हुआ तो घटना को अंजाम दे दिया।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी संदीप विश्वकर्मा की ससुराल देवरिया बुद्धू खां गांव में राजेंद्र विश्वकर्मा के घर है। वहीं पर उनका पुत्र आर्यन विश्वकर्मा (10) रहता था। रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे वह अचानक गायब हो गया। परिजनों ने मासूम के अपहरण की जानकारी रामपुर कारखाना पुलिस को रात करीब दस बजे दी। पुलिस ने शक के आधार पर नाबालिग आरोपी और उसके दोस्त डिघवा पौटवा निवासी अनीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने आर्यन की हत्या कर शव फेंकने का राज उगल दिया। मृतक आर्यन के नाना राजेंद्र शर्मा की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज कर लिया। आरोपी से पुलिस ने जब पूछताछ की तो उसने पेशेवर बदमाशों की तरह बयान दिया। उसने बताया कि जालफरेब कर आर्यन के नाना ने पट्टीदारी की भूमि का बैनाम काफी पहले कराया था। इसको लेकर दोनों परिवारों में विवाद तो था ही, लेकिन आर्यन भी उसे ताने मारता था। इससे वह चिढ़ता था। दस दिन पहले ही उसने आर्यन के परिवा को सबक सिखाने की योजना बना ली थी। अकेले में मोबाइल लेकर बैठकर अपहरण कर हत्या करने का तरीका भी सिख रहा था। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयस त्रिपाठी की मौजूदगी में इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप राय और पुलिस टीम नाबालिग आरोपी को लेकर बाल सुधार गृह के लिए रवाना हो गई। जबकि अनीश को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।