मेडिकल कालेज में टेलीमेडिसिन सुविधा के लिए आई मशीन सेट करते कोआर्डिनेटर।संवाद
पीआईसीयू में गंभीर मरीजों के इलाज में होगी आसानी, बीएचयू के बाल रोग विशेषज्ञ ऑनलाइन देखेंगे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। उन्हें हायर सेंटर भेजने के बजाए यहीं पर टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। एक माह के अंदर इस नई व्यवस्था के शुरू होने की संभावना है। इसके चालू पर मरीज के गंभीर होने पर बीएचयू के बाल रोग विशेषज्ञ सीधे ऑनलाइन जुड़ेंगे और मरीज की हालत देख यहां मौजूद डॉक्टर को दवा व अन्य सलाह देंगे। इसके लिए मशीन आ गई है और सेट करने का कार्य भी किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए 15 बेड का पीआईसीयू है। यहां भर्ती कर इलाज किया जाता है। हर रोज करीब आठ से दस बच्चे भर्ती होते हैं। लगातार इलाज के बाद भी हालत में सुधार न होने पर उन्हें रेफर किया जाता है। इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने पहल की। इसके बाद आईएमएस बीएचयू (इंटीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) से टेलीमेडिकल सुविधा शुरू करने की सहमति मिली। चार माह पहले बीएचयू की एक टीम मेडिकल कॉलेज आई और पीआईसीयू का निरीक्षण किया था। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद आईएमएस की ओर से को-ऑर्डिनेटर चंद्रकेश्वर तिवारी की तैनाती कर दी गई है। इसके लिए मशीन आ गई है। उसे सेट करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पीआईसीयू से सटे एक कमरा चिह्नित किया गया है और उसके फिनिशिंग की कवायद की जा रही है। इसके शुरू होने पर पीआईसीयू में भर्ती मरीज की हालत गंभीर होने पर उसका पूरा विवरण डॉक्टर बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल ऑनलाइन भेजेंगे और टेलीकार्ट्स मशीन से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए वहां के बाल रोग विशेषज्ञ से कंसल्ट करेंगे। वहां के डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीज का पूरा ब्योरा जानने के बाद उसे देखेंगे और दवा और अन्य सलाह पीआईसीयू के डॉक्टर को देंगे। इसकी तैयारी चल रही है। इस सुविधा से मरीज और तीमारदार को इलाज के लिए अंयत्र नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें सहूलियत होगी।
इन गंभीर मरीजों का पीआईसीयू में होता है इलाज
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले सांस, पेट, बुखार, दिमागी बुुखार, झटका, इंफेक्शन आदि से पीड़ित गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। जबकि अन्य मरीजों का ओपीडी में इलाज होता है।
- मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। मशीन आ गई है। एक माह के अंदर यह सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। इससे मरीजों को सहूलियत होगी।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस