पशुओं के साथ पहुंचे तहसील, दिया धरना
भाटपाररानी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगउर में तहसील प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने से पीड़ित लोग अपने पशुओं के साथ बृहस्पतिवार को तहसील पहुंच गए। वहां प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर अपने तथा पशुओं के रहने की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही पीड़ितों ने तहसील प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने रहने की व्यवस्था नहीं की तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
पीड़ितों ने पत्रक में लिखा है कि वे भूमिहीन हैं तथा मनरेगा मजदूर हैं। बीस वर्षों से अधिक समय से वे इस भूमि पर बसे हुए थे। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि की ओर से अमृत सरोवर का निर्माण अपने ट्रैक्टर से कुछ दिन पहले कराए जाने के विरोध में आवाज उठाने पर उन्होंने भूमि से बेदखल करने की चेतावनी दी थी। आरोप लगाया कि प्रधान के प्रतिनिधि ने तहसील प्रशासन से मिलकर जेसीबी लगाकर हम सभी का वर्षों से आबाद नाद, खूंटा, झोपड़ी, नल, टीनशेड, हरे आम के पेड़ आदि उजाड़कर गड्ढे में फेकवा दिया।
अब हम लोग खुले आसमान में रहने के लिए मजबूर हैं। साथ ही पीड़ितों ने एसडीएम से अमृत सरोवर निर्माण की जांच कराने की मांग की है। इस दौरान सुभाष राजभर, हरिश्चंद्र, नवल राजभर, हरिकेश, अमरजीत, मंजू देवी, बबिता देवी, मुन्नी देवी, निक्की, काजल राजभर आदि धरने में शामिल रहीं।