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Deoria News: अभिलेखों में मारा गया किशोर भटक रहा जिंदा होने का सबूत लेकर

Wed, 28 Dec 2022 04:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।

सार

माता-पिता की मौत के बाद परिवार रजिस्टर और खतौनी से नाम गायब होने पर विजय को अब अपनी सुरक्षा का भय सताने लगा है। इसके लिए उसने जिलाधिकारी और एसपी से मिलकर सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जो लोग सरकारी अभिलेख में उनको मार सकते हैं, वो आगे कुछ और भी करते हैं।
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भटनी के पिपरा देवराज गांव निवासी विजय प्रताप जिंदा होने का तख्ती लेकर घूमते हुए। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पिता की मौत के बाद सरकारी अभिलेख से नाम गायब होने पर पिपरा देवराज गांव निवासी किशोर विजय प्रताप सिंह अधिकारियों से मिलकर जिंदा होने का प्रमाण दे रहे हैं। वह अधिकारियों के दफ्तर में पेट से तख्ती चिपकाकर पहुंचते हैं, जिस पर लिखा है- साहब, मैं जिंदा हूं।

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मंगलवार को भी वह ऐसे दिखे। यह नजारा देख लोग सरकारी तंत्र को बस कोसते नजर आए। विजय गांव और क्षेत्र में घूमकर न्याय की लड़ाई में लोगों से समर्थन जुटाने में भी लगे हैं। 480 लोगों ने विजय के समर्थन में एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर गवाही दी है।

मंगलवार को ग्रामीणों व रिश्तेदारों के साथ विजय एक बार फिर एसडीएम सलेमपुर के पास पहुंचे और मांगे गए जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किया। भटनी क्षेत्र के पिपरा देवराज गांव निवासी रामवृक्ष उर्फ तुफानी की मृत्यु जनवरी 2022 में हो गई थी। इसके पहले उनकी पत्नी ब्रिजवंती की मृत्यु हो चुकी थी। मां और पिता की मृत्यु के बाद इकलौती संतान विजय प्रताप सिंह अपने ननिहाल आमघाट थाना बरियारपुर में रहने लगे।
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आरोप है कि उस दौरान गांव के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से पहले परिवार रजिस्टर से विजय प्रताप का नाम गायब कराया गया। उसके बाद लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से मिलकर खतौनी में एक व्यक्ति ने स्वयं तथा अपने दो भाइयों और चाचा का नाम दर्ज करा दिया।

 

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इसकी जानकारी होने पर नाबालिग विजय प्रताप के मामा अक्षयबर सिंह तथा गांव के अन्य लोग एसडीएम के पास पहुंचे और इसकी शिकायत की। साथ ही नाबालिग विजय का नाम दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अरुण कुमार रविवार की देर शाम गांव पहुंचकर लोगों से इसके बारे में जानकारी ली और सोमवार की सुबह सचिव जनरंजन गौतम और लेखपाल अमजद अली को अभिलेख के साथ कार्यालय में तलब किया। अभिलेख देखने के बाद साफ प्रतीत हो रहा था कि परिवार रजिस्टर से छेड़छाड़ की गई है। एसडीएम सचिव पर नाराज हुए।

उन्होंने तीन दिन के अंदर लेखपाल और सचिव से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। इधर, सरकारी कागजों में पिता का वारिस किसी और के होने जाने पर विजय प्रताप अफसरों के दफ्तरों में अपने जीवित होने का प्रमाण देने में लगे है। वह एक तख्ती पर जिंदा होने की बात लिखकर अधिकारियों के कार्यालयों में घूमकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। वही, हस्ताक्षर अभियान के तहत गांव-जवार में भ्रमण कर लोगों से अपने समर्थन में सहयोग करने की बात भी कह रहे हैं।

जिलाधिकारी और एसपी से लगाई जान की गुहार
माता-पिता की मौत के बाद परिवार रजिस्टर और खतौनी से नाम गायब होने पर विजय को अब अपनी सुरक्षा का भय सताने लगा है। इसके लिए उसने जिलाधिकारी और एसपी से मिलकर सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जो लोग सरकारी अभिलेख में उनको मार सकते हैं, वो आगे कुछ और भी करते हैं। एसपी के आदेश पर थाने के एसआई पिंटू यादव मामले की जांच कर रहे हैं। मंगलवार शाम एसआई ने पीड़ित और उसके मामा से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिया है।

पीड़ित की ओर से प्रस्तुत परिवार रजिस्टर की नकल में 15वें नंबर पेज पर विजय का नाम है। मौजूदा परिवार रजिस्टर में वह पन्ना गायब है। जवाबदेह लोगों को तीन दिन में इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। - अरुण कुमार, एसडीएम सलेमपुर
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