देवरिया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से 22 सूत्री मांगों को लेकर बीआरसी सदर पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें पदाधिकारियों ने परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोईयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाई।
धरना प्रदर्शन के दौरान पुरानी पेंशन बहाली, राज्य कर्मचारियों के समान नि:शुल्क कैशलेश चिकित्सा सुविधा, शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि व शिक्षकों की भांति अवकाश, अनुदेशकों के नवीनीकरण की प्रक्रिया का सरलीकरण व उनके मानदेय में वृद्धि, रसोइयों के लिए कम से कम 11 माह के वेतन की व्यवस्था, विद्यालय समय में लचीलापन, प्रतिकर व उपार्जित अवकाश की व्यवस्था, प्रतिवर्ष निष्पक्ष व पारदर्शी नीति द्वारा स्थानांतरण, गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, विद्यालयों की सुरक्षा के दृष्टिगत चौकीदार की नियुक्ति, शिक्षक एमएलसी निर्वाचन में मताधिकार व पदोन्नति पर न्यूनतम वेतनमान तथा प्रभारी प्रधानाध्यापक को प्रधानाध्यापक के समान वेतन आदि के समर्थन में नारेबाजी भी हुई। जिलाध्यक्ष जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखों शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के साथ-साथ उनके करोड़ों आश्रितों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत वर्षों से लंबित मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। विवेक मिश्र ने कहा कि पुरानी पेंशन पर सरकार का अड़ियल रवैया कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। ज्ञानेश यादव ने कहा कि यह धरना सरकार की शिक्षकों के शोषण भरी नीति के विरोध में है। धरने को प्रशांत जायसवाल, शशांक मिश्र, अशोक तिवारी, अतुल मिश्रा, अमित राय, हेमंत, दुर्गेश यादव, सौरभ, प्रमोद, एहसान ने भी संबोधित किया। संचालन नर्वदेश्वर मणि ने किया। इस दौरान सग़ीर ख़ान, संजय पांडेय, माखन प्रसाद, आशुतोष मिश्र, अशोक तिवारी, प्रमोद कुशवाहा, राजेश्वर चंद्र, दिनेश यादव, विशाल राय, अमित सिंह आदि शामिल रहे।