जिस गांव में सर्वाधिक टीबी के मरीज मिले हैं वहां लगाया जाएगा शिविर
मौके पर ही पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से होगी जांच
देवरिया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में टीबी की जांच के लिए घर के पास ही एक्स-रे की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन ब्लॉक व गांव में वरीयता से प्रदान की जाएगी, जहां अभियान के दौरान सर्वाधिक क्षय (टीबी) रोगी मिले हैं । इन स्थानों पर शिविर लगाकर लक्षण वाले (संभावित) मरीजों का टीबी जांच के लिए मौके पर एक्स-रे किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उनका इलाज कराया जाएगा।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि एक मार्च से सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिस भी ब्लॉक व गांव में सबसे अधिक टीबी के मरीज मिलेंगे व पूर्व में चलाए गए अभियानों के दौरान अधिक संख्या में टीबी मरीज मिले हैं, वहां शिविर लगाकर लक्षण वाले अन्य व्यक्तियों का मौके पर पोर्टेबल हैंड हेड एक्स-रे मशीन से एक्स-रे किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर उसका इलाज कराया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च इनोवेशन जीत 2.0 प्रोग्राम जिले में पिछले दो वर्षों से टीबी की रोकथाम के लिए कार्य कर रहा है। वाले मरीजों को छोड़कर घर के अन्य सभी छोटे-बड़ेसदस्यों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) दी जाती है, जिनका फालोअप भी किया जाता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में जनवरी से दिसंबर 2023 तक 5531 टीबी के मरीज मिले हैं। सभी मरीजों का इलाज कराया गया। दो सप्ताह व अधिक समय तक खांसी तथा उसके साथ बलगम आना, बलगम में खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना आदि टीबी के लक्षण हैं।