टीबी उन्मूलन के लिए जनजागरूकता जरूरी : सांसद
देवरिया। जनपद से टीबी, फाइलेरिया और कालाजार जैसे रोगों के उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता बहुत जरूरी है। समस्त जनपदवासी संकल्पित होकर टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाएं और प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ भारत की संकल्पना को साकार करें।
ये बातें सोमवार को सदर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने धनवंतरि सभागार में एकीकृत निक्षय दिवस के अवसर पर टीबी, फाइलेरिया और कालाजार के उन्मूलन के लिए आयोजित जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार के निर्देश पर जनपदों के सारे अस्पतालों में प्रत्येक माह की 15 तारीख को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाता है। इसके अंतर्गत टीबी मरीजों की पहचान करके उन्हें जांच और उपचार की सुविधा निशुल्क दी जाती है। इसके साथ ही इस अवसर पर कुष्ठ, फाइलेरिया एवं कालाजार रोगियों की पहचान करके उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार की सुविधा भी निशुल्क दी जाती है। इस अवसर पर सांसद और अन्य अधिकारियों ने 15 टीबी मरीजों को गोद लिया। कार्यक्रम में सांसद और जिलाधिकारी ने जनपद में नवनियुक्त 20 लैब टेक्नीशियन को प्रमाणपत्र दिया गया। सांसद एवं जिलाधिकारी ने वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों से बात करके कार्यक्रम की समीक्षा भी की
इस मौके पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद में टीबी, फाइलेरिया और कालाजार से संबंधित गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाती है और अगर गतिविधियों के क्रियान्वयन में कोई समस्या आती है तो उसका समाधान किया जाता है। उन्होंने बताया कि 19 मई से जनपद में टीबी मरीजों की जांच का सघन अभियान शुरू होने वाला है। सीडीओ रवीन्द्र कुमार ने बताया कि उपरोक्त सारे रोगों के उन्मूलन के लिए विकास खंड स्तर पर होने वाले समस्त कार्यक्रमों में अंतर विभागीय समन्वय से कार्य किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं ।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि जनपद में टीबी, फाइलेरिया और कालाजार से संबंधित कार्यक्रमों को गांव की अंतिम आबादी तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निक्षय पोर्टल पर दर्ज किए गए टीबी मरीजों को समस्त उपचार के साथ ही 500 रुपये की पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। इस अवसर पर जनपद स्तरीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और अन्य सहयोगी संस्थाओं विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ, सीफार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न विकास खंडो के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।