देवरिया। तरकुलवा विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। उमस भरी गर्मी में विद्युत कटौती से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। दिन और रात हो रही अघोषित कटौती से उपकेंद्र के 350 गांवों की करीब पांच लाख आबादी में हाहाकार मचा है। बिजली निगम के अफसरों का कहना है कि कसया उपकेंद्र में लगे 63 केवीए के एक ट्रांसफॉर्मर के जलने से स्थिति बिगड़ी है। रोस्टिंग से आपूर्ति करनी पड़ रही है। ट्रांसफॉर्मर को बदल कर आपूर्ति नियमित करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
तरकुलवा व बघौचघाट बिजली घरों की मेन सप्लाई कुशीनगर जिले के 132/33 केवी कसया सब स्टेशन से होती है। इसके अलावा यहां लगे एक 40 एमवीए व दो 63 एमवीए के ट्रांसफॉर्मरों से जिले के देसही देवरिया, पाण्डेय चक उपकेंद्रों के सैकड़ों गांव व कस्बे गुलजार होते हैं। 18 अप्रैल को कसया सब स्टेशन पर लगा 63 एमवीए का एक ट्रांसफॉर्मर अचानक जल गया। इसके बाद से ही तरकुलवा उपकेंद्र के 350 गांवों की बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है।
दोपहर में बिजली नहीं आती। अगर शाम को आती भी है तो उसमें भी कई बार कटौती की जाती है। इसके अलावा बार-बार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। आपूर्ति का कोई शेड्यूल नहीं है। एक घंटे बिजली आती है तो चार-चार घंटे बिजली गुल रहती है। बिजली न आने से विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। अघोषित बिजली कटौती से लोग बिलबिला उठे हैं।
पांच-छह दिनों से चौबीस घंटे में केवल पांच से छह घंटे बिजली मिल रही है। उसका भी कोई शेड्यूल नहीं है। उमस भरी गर्मी में दिन में एक पल काटना मुश्किल है, तो रात में चैन से सोना दुश्वार हो गया है।
- वशिष्ठ दुबे, सभासद, वार्ड नंबर-8 शिवाजी नगर, तरकुलवा
भीषण गर्मी में बिजली कटौती से रात में घर का कामकाज निपटाने में दिक्कत हो रही है। कोटे की दुकान पर मिट्टी का तेल नहीं मिलता है। रात में बिजली नहीं आती है, अंधेरे में मोमबत्ती जलाकर जैसे-तैसे घर का कामकाज निपटाना पड़ रहा है। प्रचंड गर्मी में जगकर रात काटनी पड़ रही है।
- प्रभावती देवी, गृहणी, हरैया
कसया सब स्टेशन में लगे 63 एमवीए के एक ट्रांसफॉर्मर के जल जाने से दिक्कत हुई है। सप्लाई रोस्टिंग से दी जा रही है। नया ट्रांसफॉर्मर लगने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
- संदीप कुमार, अवर अभियंता, तरकुलवा