नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी, बंधों पर कटान और चूहे बिल से स्थिति हुई खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। मानसूनी बारिश से जर्जर हुए बांधों के हालात बता रहे हैं, अगर इस बार बाढ़ आई तो कछार और दोआबा के 116 गांवों का मंजर भयावह होगा। क्षेत्र के गोर्रा और राप्ती नदी किनारे तटबंधों पर बारिश से कटान और चूहा बिल से स्थिति और भी खराब हो गई है। बांधों की हालत देख लोगों को नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ की चिंता सताने लगी है। वहीं पिड़रा पुल के संपर्क मार्ग पर कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी मिट्टी डाल रहा है। मंगलवार को भी क्षेत्र की दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई।
मंगलवार को गोर्रा नदी का जलस्तर 67.85 मीटर और राप्ती 67.35 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियां लाल निशान 70.50 मीटर से नीचे बह रही है। रुद्रपुर करहकोल मार्ग पर स्थित पिड़रा पुल के संपर्क मार्ग पर आई दरार के बाद मिट्टी पाटने का काम फिर से शुरु हो गया है। बीते साल भी संपर्क मार्ग कटने पर मिट्टी और पेड़ की टहनियों से रोकने का प्रयास किया गया था। रास्ते से लोडेड ट्रकों की आवाजाही ठप हो गई है। पचलड़ी बेलवा और पलिया छपरा बांध पर करीब बीस जगहों पर कटान और चूहा बिल बन गए हैं। मरम्म्त के नाम पर सिंचाई विभाग के खानापूर्ति की पोल बंधों की दशा बता रही है। राप्ती नदी के तिघरा मराछी बांध पर भेड़ी गांव के निकट बांध जर्जर होने के कारण संकरा होने लगा है। दो साल पहले कटान रोकने के लिए यहां बोल्डर पिचिंग हुआ था, जलस्तर कम होने पर बोल्डर पिचिंग ढह गया। दोआबा के लोग शासन-प्रशासन पर बंधों की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने से ठप हो गया व्यवसाय
पचलड़ी गांव के रहने वाले व्यापारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि पिड़रा पुल से पिछले एक साल से रुक-रुककर आवागमन बाधित हो जा रहा है। बड़े वाहनों से दुकानों पर आने वाला सामान पहुंच नहीं पा रहा है। जिससे अब व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। बीते साल दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के समय पूल से आने जाने पर रोक लग गई। चौराहे के व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ, इस बार भी नदी का जलस्तर बढ़ते ही रास्ते से ट्रक नहीं आ रहे। भागड़ा नाला से चार पहिया वाहन तक नहीं गुजर पा रहे। यहीं हालत रहा तो व्यापार बंद हो जाएगा।
- रतनपुर गांव के बिल्डिंग मैटेरियल के दुकानदार ऋषिकेश सिंह ने कहा कि दुकान पर बड़ी गाड़ियों से बालू, सीमेंट की खेप नहीं पहुंच पा रही है। छोटे वाहनों से माल मंगाने पर भाड़ा अधिक लग रहा है। पिड़रा पुल से आवागमन को लेकर जिम्मेदार लापरवाह बने है। दोआबा के दोनों प्रमुख मार्ग कटारी नाला और भागड़ा से वाहन गुजर नहीं पा रहे है। यदि जल्द ही रास्ते दुरुस्त नहीं हुए तो आमजन के साथ व्यवसाय में काफी नुकसान होगा।
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बंधों पर कटान और चूहा बिल पाटने का काम चल रहा है। पिड़रा पुल के एप्रोच पर कटान रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में आगणन के अनुसार ही कार्य कराए जा रहे हैं। बंधों की सुरक्षा के लिए अवर अभियंता को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
नरेंन्द्र जाड़िया, सिंचाई विभाग, एक्सईएन