- काफी दिनों से परेशान थी महिला, करीब एक एमएम का था स्टोन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में थूक की ग्रंथी (सबमैंडीबुलर ग्लैंड) में बने स्टोन को शुक्रवार को ऑपरेशन कर निकाला गया। स्टोन करीब एक सेमी का था। ऑपरेशन करीब 45 मिनट चला। महिला काफी दिनों से पीड़ित थी। भोजन करने पर दर्द और जबड़े में सूजन से परेशान थी। ऑपरेशन के बाद मरीज को राहत मिली है। निजी अस्पताल में इस ऑपरेशन पर 25 से 30 हजार रुपये खर्च करना पड़ता।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में आए दिन ऑपरेशन कर मरीजों को राहत देने का कार्य किया जा रहा है। ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ लग रही है। भटनी क्षेत्र के इमिलिया पिपरा विट्ठल की मनीषा तिवारी 32 पत्नी स्व. सुधाकर तिवारी को भोजन करने पर तेज दर्द, जबड़े में सूजन हो जाता है। उसके मुंह से मवाद भी आता था। मरीज के परिजनों के अनुसार उसे एक माह पहले से यह दिक्कत हो रही थी। वह प्राइवेट में इलाज कराए, लेकिन दर्द और मवाद कम नहीं हुआ।
दो सप्ताह पहले वह मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में पहुंची। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने जांच की। इसके बाद तीन दिन भर्ती इलाज किया तो सूजन कम और मवाद बंद हो गया। उन्होंने छुट्टी दे दी और दस दिन तक दवा खाने के बाद फिर बुलाया। वह शुक्रवार को अस्पताल पहुंची। इसके बाद डॉक्टर ने उसके थूक की ग्रंथी का सफल ऑपरेशन किया और स्टोन को निकाला। स्टोन थूक बनाने वाली ग्रंथी में बाएं तरफ था। आपरेशन करने वाली टीम में स्टाफ नर्स सुनीता, सुमैरा, विनोद शामिल रहे।
ईएनटी के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि मुंह में अंतिम दांत के बगल में जीभ के दोनों तरफ जबड़ा के नीचे थूक ग्रंथी होती है। ऊपर से दिखाई नहीं देती है। स्टोन करीब एक साल से अधिक समय से रहा होगा, लेकिन महिला को एक माह पहले दिक्कत अधिक होने लगी। उसके मुंह में तेज दर्द, जबड़ा में सूजन रहता था। उसके मुंह में मवाद भर जाता था। यह बीमारी पानी कम पीने वालों, मेजर सर्जरी वाले और जिन्हें थूक गाढ़ा व कम बनता हो उनमें स्टोन बनने की अधिक संभावना रहती है। दिक्कत होने पर तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।