शिनाख्त नहीं होने से नहीं खुल पा रहा हत्या का राज, पुलिस मोबाइल छिनैती और नामजद घटना में शामिल बदमशों को पकड़कर थपथपा रही पीठ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अज्ञात कातिलों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। इतना ही नहीं अज्ञात शवों की पहचान न होने से हत्या का राज नहीं खुल पा रहा है। गंभीर बात तो यह है कि जिन मामलों में मोबाइल और नामजद बदमाश घटना में शामिल हो रहे हैं, उन्हीं का खुलासा कर पुलिस पीठ थपथपा रही है। जबकि कई ऐसे मामले लंबित पड़े हैं, जिनमें अभी तक पुलिस के हाथ बदमाशों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
दो साल के भीतर जिले में 12 अज्ञात शवों की पहचान नहीं हो पाई है। जबकि एक मामले में पहचान होने के बाद भी हत्या का राज नहीं खुल पाया है। इसके कारण यह घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। सबसे अधिक अज्ञात शव एकौना और बरहज थाना क्षेत्र में मिले हैं। इसके बाद रामपुर कारखाना और महुआडीह में मिले हैं। बदमाशों के लिए शव ठिकाने लगाने का सबसे सही जगह एनएच मार्ग पर और नदी का किनारा रहा है। पुलिस को आशंका है कि दूर-दराज से घटना को अंजाम देने के बाद शव लाकर फेंक दिया जाता है, ताकि शव की शिनाख्त न हो पाए। इससे बदमाश अपने मंसूबे में सफल हो जाते हैं।
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केस- एक
चार दिन पहले भलुअनी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिला था। जिसकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। इसके कारण हत्या का राज पुलिस नहीं खोल पाई है।
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केस- दो
छह मई को कपरवार घाट के पास 45 वर्षीय एक व्यक्ति का शव मिला था। करीब डेढ़ माह का समय बीत जाने के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी है। इसके चलते पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
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केस-तीन
- जून 2022 में लार कस्बा निवासी रहमान की हत्या कर शव को सुतावर-चौमुखा मार्ग पर फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस करीब दो हजार मोबाइल नंबरों की जांच की और काफी लोगों से पूछताछ की, लेकिन अभी तक घटना का खुलासा नहीं हो सका है। मामले में आरोपी नामजद नहीं हुए।
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कोट: - अज्ञात शव और आरोपी के मामले में पुलिस गंभीरता से जांच पड़ताल करती है। शवों की पहचान के लिए आस-पास के जिलों में भी सूचना प्रसारित की जाती है। अज्ञात शव की पहचान होने पर घटना का खुलासा हो जाता है। रहमान हत्याकांड की विवेचना अभी चल रही है।
राजेश कुमार
एएसपी