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Deoria News: मेरठ, वाराणसी, स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर और मेजबान देवरिया सेमीफाइनल में, हॉकी प्रतियोगिता का तीसरे

Fri, 01 Mar 2024 12:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

देवरिया के रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी प्रतियोगिता के तीसरे दिन भी विभिन्न टीमों के बीच प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। खेले गए लीग मुकाबलों में प्रदर्शन के आधार पर वाराणसी, स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, मेरठ और मेजबान देवरिया की टीमें अंतिम चार में पहुंच गईं।
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स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करती महिला खिलाडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेल निदेशालय एवं प्रदेश हॉकी संघ की ओर से आयोजित ओपेन स्टेट महिला हॉकी प्रतियोगिता के तीसरे दिन के लीग मुकाबलों में प्रदर्शन के आधार पर वाराणसी, स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, मेरठ और मेजबान देवरिया की टीमें अंतिम चार में पहुंच गईं। शुक्रवार को पहला सेमीफाइनल गोरखपुर व वाराणसी व दूसरा देवरिया बनाम मेरठ के मध्य खेला जाएगा।
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रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में बृहस्पतिवार को लीग दौर का पहला मैच सहारनपुर बनाम पीलीभीत के बीच खेला गया। इसमें दोनों टीमों की तरफ से एक भी गोल न होने के कारण मैच बराबरी पर छूटा।
दूसरा मैच शाहजहांपुर और मेरठ के मध्य खेला गया। इसमें मेरठ की टीम जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 13-0 के अंतर से जीत गई। मेरठ की तरफ से महक ने 13वें, 27वें, 31वें, 37वें, 55वें मिनट में पांच गोल, नीेशू ने चौथे, 25वें मिनट में दो गोल, मानसी ने सातवें, नौवें, 16वें, 29वें, 47वें व 51वें मिनट में छह गोल कर जीत दिलाई।
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तीसरा मैच झांसी बनाम वाराणसी के मध्य खेला गया। इसमें झांसी की टीम ने 1-0 के अंतर से जीत हासिल की। झांसी की तरफ से अनुष्का ने एकमात्र गोल चौथे मिनट में किया। दिन का चौथा मैच देवरिया बनाम सहारनपुर के मध्य खेला गया। इसमें देवरिया की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8-0 के अंतर से जीत हासिल की। टीम से कोमल ने छठवें, 36वें मिनट में दो गोल, श्रेयांशी ने आठवें और 52वें मिनट में दो गोल, खुशी ने 29वें, व 37वें मिनट में दो गोल, कंचन ने 18वें व 53वें मिनट में दो गोल कर टीम को जीत दिलाई।

पांचवां मैच प्रयागराज बनाम शहजहांपुर के मध्य खेला गया। इसमें प्रयागराज की टीम 6-0 से जीती। टीम की तरफ से तबस्सुम ने पहले, चौथे मिनट में दो गोल, मानसी ने 23वें मिनट में एक, प्रिंसी यादव ने 29वें व 37वें मिनट में दो, अंतिमा ने 59वें मिनट में एक गोल दागकर टीम को जीत दिलाई।

छठवां मैच पीलीभीत बनाम मऊ के मध्य खेला गया। इसमें दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। पीलीभीत की तरफ से गजाला ने तीसरे मिनट व मऊ की तरफ से प्रियंका ने 19वें मिनट में एक गोल कर टीम को बराबरी पर ला दिया। सातवां मैच झांसी बनाम मेरठ के मध्य खेला गया। इसमें मेरठ की टीम 2-0 से विजेता रही। मेरठ की तरफ से मानसी ने 32वें व 46वें मिनट में दो गोल कर टीम को जीत दिलाई। आठवां मैच प्रयागराज बनाम वाराणसी के मध्य खेला गया। रोमांचक मैच में वाराणसी की टीम 3-2 के अंतर से जीती। वाराणसी की तरफ से दूसरे मिनट में सेमोन ने, सातवें मिनट में प्रीति, 37वें मिनट में विभा ने गोल किया। प्रयागराज की तरफ से 22वें मिनट में प्रिंसी, 34वें मिनट में प्रियंका ने गोल दागा।

दिन का अंतिम मैच देवरिया और स्पोर्ट्स काॅलेज गोरखपुर के मध्य खेला गया। इसमें दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर रही। इसमें स्पोर्ट्स काॅलेज गोरखपुर 1-0 से विजेता रही। गोरखपुर की आरिका ने 33वें मिनट में एक गोल कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

इसके पूर्व मुख्य अतिथि डाॅ. शांतनु जायसवाल, एवं डाॅ. मो. आरिफ ने खिलाड़ियों से परिचय कर मैच की शुरुआत कराई। मैच के निर्णायक अविनाश श्रीवास्तव, प्रतियोगिता संयोजक मनोज कुमार कुशवाहा, मो. जियाउरहमान, मनीष द्विवेदी, नेहा सिंह, रश्मि सिंह, परवेज अख्तर, शबनम, शकील अहमद रहे।
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हॉकी खेलने वाले पापा के दोस्त की सलाह मानी तो बन गई नेशनल खिलाड़ी
लखनऊ के फैजुलगंज निवासी वीरेंद्र सिंह आरओ लगाने का कार्य करते हैं। हालांकि, उन्हें खेल से प्यार था तो बेटी नैंसी सिंह को अपने हॉकी खेलने वाले दोस्त की सलाह पर स्टिक दे दी। बिटिया ने भी पापा को निराश नहीं किया और नेशनल खिलाड़ी बनकर राष्ट्रीय खेल में नाम आगे बढ़ा रही है।

मेजबान देवरिया की टीम से खेल रही नैंसी ने बताया कि वर्ष 2018 से वह हॉकी से जुड़ीं। चौक स्टेडियम लखनऊ में प्रशिक्षक वैशाली निषाद की देखरेख में प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया। अब तक तीन नेशनल व कई स्टेट प्रतियोगिताओं में खेल चुकी हैं। पिछले सप्ताह गुवाहाटी में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम में वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से खेलकर लौटी हैं। वहां उन्हें तीन मैच खेलने को मिले, जिसमें एक में जीते और दो में हार मिली।

उन्होंने बताया कि हॉकी ने उन्हें अलग पहचान दी है। अब हॉकी खेलना और इसी के दम पर आगे बढ़ना और देश के लिए खेलना उनके जीवन का लक्ष्य है। इसके लिए वह लगातार अपने प्रशिक्षकों की देखरेख में कड़ी मेहनत कर रही हैं।
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