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Deoria News: धूप व बारिश में खड़े होकर कर रहे बसों का इंतजार

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बस का इंतजार करते धूप में यात्री
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नया बस स्टेशन बनाने के लिए नहीं शुरू हुई टेंडर की प्रक्रिया
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देवरिया डिपो में बने अस्थायी विश्रामालय में ही दफ्तर शिफ्ट करने की चल रही तैयारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रोडवेज परिसर में अभी यात्रियों को धूप, गर्मी की मार सहते हुए ही बसों का इंतजार करना होगा। नया बस स्टेशन बनाने के संबंध में अभी टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में परिसर में आने वाले आम से लेकर खास तक को परेशानी झेलनी होगी। उधर प्रदेश के परिवहन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने विकास भवन सभागार में हवाई अड्डे की तर्ज पर पीपीपी माॅडल से बस स्टेशन बनाए जाने की बात कही थी, हालांकि कब तक यह बनेगा, इस पर वह कन्नी काटते नजर आए।
देवरिया डिपो में वर्तमान में निगम की 60 एवं अनुबंधित 120 बसों का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन 30 से 35 हजार यात्री बसों से लंबी दूरी में दिल्ली, कानपुर, लखनऊ के अलावा लोकल मार्ग पर गोरखपुर, बस्ती, सलेमपुर, लार, मेहरौना, पिंडी, कसया, पडरौना, बरहज, दोहरीघाट, रुद्रपुर आदि जगहों के लिए यात्रा करते हैं। देवरिया डिपो की अभी प्रतिदिन की आय 25 लाख के ऊपर हो रही है। बावजूद इसके डिपो में यात्रियों को छांव तक नहीं मिल रही है। पुराना रोडवेज भवन दिसंबर माह में गिरा दिए जाने से यात्री विश्रामालय भी टूट गया। पुराना भवन टूटने के बाद जहां यात्रियों एवं रोडवेज कर्मचारियों को उम्मीद थी कि अब जल्द ही नया भवन बनेगा, हालांकि छह माह बीतने के बाद भी जून माह की भीषण गर्मी, तपिश और लू के थपेड़ों को सहते हुए यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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अस्थायी विश्रामालय में ही केबिन बनाकर दफ्तर लाने की हो रही तैयारी
रोडवेज परिसर के दुर्गा मंदिर के पास बने अस्थायी विश्रामालय बसों के खड़े होने वाले स्थान से दूर होने के चलते यात्रियों के किसी काम नहीं आ रही है। यहां यात्रियों की भीड़ न के बराबर हो रही है, जो भी दिक्कतें हैं वह एमएसटी काउंटर होने के चलते दैनिक यात्रियों की होती है। अब इस नए विश्रामालय में ही ऑफिस शिफ्ट करने की तैयारियां चल रही हैं। अभी तक कार्यालय बगल में स्थित पुराने जर्जर भवन में ही चल रहा है और चयनित एजेंसी की ओर से इसे तोड़ने की तैयारी है। ऐसे में अस्थायी बनाए गए यात्री विश्रामालय के ही आधे भाग पर केबिन निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। हालांकि जब से यह बना है, तब से ही यहां यात्री रुकने या बसों का इंतजार करने कम ही आते हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि दफ्तर शिफ्ट होने के बाद यहां आने वालों की संख्या बढ़ेगी।
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परिवहन मंत्री ने पीपीपी माॅडल पर हवाई अड्डे की तर्ज पर देवरिया में बस अड्डा बनाने की बात कही है। इस संबंध में मुख्यालय स्तर से अभी टेंडर प्रक्रिया का इंतजार हो रहा है। पुराना भवन जर्जर होने से इसे नीलाम कर दिया गया था। यहां नया बस अड्डा बने, इसके लिए वह भी उच्चाधिकारियों के आदेश की राह देख रहे हैं।
ओपी ओझा, एआरएम
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