भीड़ होने की वजह से ट्रेन में चढ़ने के दौरान प्लेटफार्म नंबर तीन पर हुई घटनाॉ
अफरातफरी देखकर पहुंचे आरपीएफ के दरोगा और सिपाहियों ने संभाली कमान
देवरिया। रविवार को दिन में करीब दो बजे बाघ एक्सप्रेस के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पर आते ही बोगी में चढ़ने के लिए भगदड़ मच गई। कई यात्री चोटिल हो गए। जनरल बोगी में दाखिल होने को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। अफरातफरी के बीच ट्रेन हार्न देने के बाद आगे बढ़ी तो किसी ने चेनपुलिंग कर दी। इसके चलते करीब दस मिनट तक फिर प्लेटफार्म पर भागादौड़ी मची रही। ट्रेन पर चढ़ने के दौरान सिवान की रहने वाली रंभा देवी को गिरने से घायल हो गई।
ट्रेनों में भीड़ की वजह से यात्रियों को कठिनाइयों के बीच सफर करना पड़ रहा है। रविवार को बाघ एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची। ट्रेन में दाखिल होने के लिए सामान लेकर यात्री प्लेटफार्म पर इधर-उधर दौड़ने लगे। भगदड़ के बीच कई महिलाएं व बच्चे चोटिल हो गए। इस बीच आरपीएफ के दरोगा और सिपाहियों ने मोर्चा सम्हाला और भीड़ का शांत कराया। असमर्थ यात्रियों को सिपाहियों ने ट्रेन में बैठाया। घायल रंभा ने बताया कि घर पहुंचकर डॉक्टर से दिखाऊंगी। क्योंकि ट्रेन छूट जाएगी तो घर नहीं पहुंच पाऊंगी।
सिपाहियों के अनुसार लोकल यात्रियों की वजह से स्टेशन पर भगदड़ मची। भटनी, बनकटा, सिवान जाने वाले यात्री ट्रेन में दाखिल होने के लिए धक्का-मुक्की करते हैं। ट्रेन छूट न जाए, इस चक्कर में बाकी यात्री भी परेशान हो गए। उधर, यात्रियों का कहना था कि यह मामला एक दिन का नहीं है। बिहार जाने वाली ट्रेनों में दाखिल होने के लिए रोज धक्का-मुक्की और चलती ट्रेन में यात्री चढ़ रहे हैं। जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
गिड़गिड़ाती रहीं महिलाएं...दरवाजे से नहीं हटे युवक
बाघ एक्सप्रेस में दाखिल होने के लिए महिलाएं गिड़गिड़ाती रहीं। बनकटा के रहने वाले बुजुर्ग रामकृपाल ने गेट पर खड़े युवकों को से हटने के लिए कई बार कहा। लेकिन युवकों ने इनकी एक नहीं सुनी। वहीं, ट्रेन के जनरल और स्लीपर कोच के दरवाजे पर भी कई महिलाएं गेट से हटने के लिए मनुहार करती नजर आईं।
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ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्री इधर-उधर दौड़ रहे थे। वहा पर सिपाही मौजूद थे। यात्रियों को शांत कराकर ट्रेन में बैठाया गया। लोकल यात्रियों के सहयोग नहीं करने से यह दिक्कतें आई थीं। यात्रियों को खुद समझ होनी चाहिए। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। - आस मोहम्मद आरपीएफ इंस्पेक्टर