महाशिवरात्रि के मौके पर सोहगरा धाम मंदिर और दीर्घेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे श्रद्धालु अव्यवस्था के शिकार हुए। सोहगरा धाम मंदिर परिसर में जलाभिषेक के दौरान सोमवार सुबह भीड़ बेकाबू हो गई। मंदिर के अंदर अफरा-तफरी मचने से एक घंटे तक श्रद्धालु फंसे रहे। बिहार पुलिस की सक्रियता के बाद किसी तरह स्थिति सामान्य हुई। वहीं दीर्घेश्वरनाथ मंदिर मझौलीराज में बिजली तीन घंटे गुल होने से गर्भगृह में कई लोग गिरकर चोटिल हो गए।
बिहार बार्डर पर स्थित सोहगरा मंदिर की एक तरफ की सीढ़ी बिहार तो दूसरी तरफ की सीढ़ी यूपी में खुलती है। सोमवार सुबह जलाभिषेक के लिए दोनों तरफ की सीढ़ी से लोग मंदिर के
अंदर जाने लगे। मंदिर के अंदर भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसके चलते कई महिलाएं गिरकर घायल हो गईं। एक घंटे तक मंदिर की एक गली में श्रद्धालुओं का रेला फंसा रहा। देरी पर लोगों ने पुलिस को भला बुरा कहा। मंदिर के अंदर पहुंची बिहार पुलिस ने स्थिति को काबू में किया।
इस अफरातफरी के दौरान भाटपाररानी पुलिस सुबह सात बजे तक मंदिर परिसर में नजर नहीं आई। हालांकि भाटपाररानी एसओ गजेन्द्र राय ने अव्यवस्था के लिए बिहार पुलिस को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की निष्क्रियता से मंदिर में कुछ देर के लिए अफरातफरी मची थी।
उधर मझौलीराज नगर के दीर्घेश्वरनाथ मंदिर पर सोमवार को तीन बजे भोर से जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम पहुंचने लगा। पांच बजे भोर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी और लंबी कतार लग गई। अचानक जनरेटर बंद होने से गर्भगृह में तीन घंटे तक अंधेरा रहा। इसके चलते जलाभिषेक करने वाले कई श्रद्धालु सीढ़ी से उतरने के दौरान गिर गए। प्रशासन ने मंदिर से करीब आधे किमी दूरी पर बैरिकेटिंग कराकर भीड़ को काबू में किया। सुरक्षा में पीएसी और कई थाने की पुलिस लगी थी।