संवाद न्यूज एजेंसी
ककरहवा। एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी ककरहवा के जवानों की ओर से स्कूली बच्चों को मंगलवार को सीमा भ्रमण कराया गया। बार्डर पर बच्चों को दोनों तरफ कि भौगौलिक स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। एसएसबी ककरहवा के जवानों की ओर से विलेज वाइब्रेंट कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए गांव ककरहवा में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को सीमा भ्रमण कराया गया।
एसएसबी की ओर से छात्र-छात्राओं को भारत नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा के महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू करवाया गया। इस दौरान ककरहवा बीओपी के सहायक कमांडेंट अखिलेश कुमार ने स्कूली बच्चों को सीमा के महत्व और नो मेन्स लैंड के नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो देशों की सीमा अति संवेदनशील होती है। सीमा नियमों का पालन हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
इस दौरान बच्चों को जीरो लाइन, बॉर्डर पिलर आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही सीमा से 10 गज दोनों तरफ अंतरराष्ट्रीय नो मेंस लैंड के बारे में बताया गया। इसमें दोनों देश में से कोई भी देश किसी तरह का निर्माण नहीं कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। इसलिए आप भी शिक्षित बनकर देश को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।