स्पेशलिस्ट डॉक्टर अब पीएचसी और न्यू पीएचसी पर नहीं रह सकेंगे। उनकी तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में की जाएगी। सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने इस संबंध में सभी सीएमओ को पत्र लिखा है। सचिव के पत्र के बाद ऐसे डॉक्टर्स का ब्योरा जुटाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि पीएचसी और न्यू पीएचसी पर तैनाती कराकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर भाग जाते हैं। तमाम डॉक्टर ऐसे हैं जो या तो अपना क्लीनिक खोल लिए हैं या निजी प्रैक्टिस करते हैं। इससे मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। विभाग की छवि भी धूमिल होती है। पीएचसी और न्यू पीएचसी पर स्पेेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती का कोई मतलब नहीं होता है। इनकी तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में की जाए। इससे यहां आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा। सचिव के पत्र के बाद विभागीय अधिकारी ऐसे डॉक्टरों का ब्योरा जुटाने में लगे हुए हैं।