देवरिया। प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पेट) में बिहार के गिरोह ने पड़ोसी जनपद देवरिया को अपने निशाने पर लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि पटना के गिरोह ने परीक्षा के तीन दिन पहले ही डेरा डाल दिया था। अभ्यर्थियों से दो से ढाई लाख रुपये का सौदा किया था। वहीं, परीक्षा देने के बदले 30 हजार रुपये सॉल्वर को देते थे। पुलिस इस गिरोह के अन्य गुर्गाें की तलाश में जुटी है। भनक लगी है कि इस गिरोह के सदस्यों ने अन्य केंद्रों पर भी सेंधमारी की है।
जिले में 28 और 29 अक्तूबर को 24 केंद्रों पर आयोजित पेट का आयोजन किया गया था। इस दौरान बिहार निवासी पांच युवक विभिन्न केंद्रों से गिरफ्तार हुए थे। पुलिस की जांच पड़ताल में यह पता चला है कि बिहार के एक गिरोह ने इन साॅल्वरों के यहां भेजा था। पटना के कुछ कोचिंग सेंटरों से इन्हें बुलाया गया था, जिसके बदले में 25 से 30 हजार रुपये दिए गए थे। बिहार से सटा होने के कारण इस गिरोह में जनपद को अपना निशाना बनाया था। इस गिरोह ने मऊ, बलिया, आजमगढ़ के युवकों से संपर्क साधकर परीक्षा में सेंधमारी करने का काम किया है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह अन्य केंद्रों पर भी सेंधमारी की होगी। इसको लेकर पुलिस गिरोह की कुंडली खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो इससे पहले भी कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर गिरोह सामने आ चुका है। कुछ माह पहले सलेमपुर के एक सेंटर से दूसरे के नाम पर परीक्षा दे रहे बिहार निवासी एक सॉल्वर पकड़ा गया था, जिसका संपर्क उसके रिश्तेदार ने कराया था।
सॉल्वर गिरोह के सरगना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस गिरोह के सदस्यों के तार बिहार से जुड़े हुए हैं। पुलिस इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सिटी