भटनी। घांटी बाजार गांव निवासी युवक ने जिलाधिकारी व एसपी को पत्र देकर एसओ पर गालियां देने और धक्का देकर थाने से भगाने का आरोप लगाया। आरोप था कि मारपीट का केस दर्ज कराने गया था। पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया। शिकायत करते हुए युवक अधिकारियों के सामने फफक पड़ा। डीएम और एसपी ने कुछ दूरी पर खड़े एसओ को बुलाया और फटकार लगाई। मामले की सीओ सलेमपुर को जांच सौंपी है। वहीं, पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
घांटी बाजार गांव निवासी मृत्युंजय कुमार गुप्त बिजली का काम करता है। बुधवार को उनके पिता महेंद्र गुप्त से गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद हो गया। इसमें महेंद्र गुप्त को पीटकर घायल कर दिया। जानकारी मृत्युंजय को हुई तो वह घायल पिता को लेकर थाने पहुंचे। जहां तहरीर देकर पांच आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने पांच के स्थान पर चार लोगों का नाम तहरीर में देने को कहा। बाद में चार नाम देने के बाद भी केस दर्ज नहीं किया। शुक्रवार शाम मृत्युंजय दुबारा थाना पहुंच आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर नाराज होकर एसओ ने थाने से धक्का देकर भगा दिया।
समाधान दिवस में पहुंचे पीड़ित पिता-पुत्र
शनिवार को पीड़ित पिता-पुत्र भाटपाररानी के समाधान दिवस में डीएम व एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए फफक कर रोने लगे। यह देख मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान हो गए। कुछ दूर खड़े एसओ को बुलाकर पूछा गया तो वह इधर-उधर की बातें करने लगे। एसपी ने एसओ को फटकार लगाते हुए तुरंत केस दर्ज करने को कहा। वहीं, सीओ सलेमपुर को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। एसपी के निर्देश पर शनिवार शाम चार आरोपियों पर मारपीट का केस दर्ज किया गया। एसओ उदय शंकर कुशवाहा ने बताया कि थाने से भगाने का आरोप गलत है। मारपीट में शामिल लोगों के नाम ही लिखने को कहा था। पीड़ित पांच लोगों पर केस दर्ज करने की मांग कर रहा था।
मारपीट के फरियादी के साथ दुर्व्यवहार करने व थाने से भगाने की शिकायत मिली है। क्षेत्राधिकारी सलेमपुर से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। -संकल्प शर्मा, एसपी