मुख्य मार्ग पर बढ़ी सख्ती... तो पगडंडियों-नदियों से कर रहे तस्करी
गुठनी थाना क्षेत्र का एक मुखिया और श्रीकरपुर गांव का धंधेबाज कैरियरों के जरिए खेल को दे रहे अंजाम
देवरिया से सिवान तक फैला तस्करों का नेटवर्क, गुठनी एसओ पर हो चुकी है कार्रवाई
देवरिया। बिहार बार्डर के मुख्य मार्ग पुलिस की सख्ती बढ़ने और सीसीटीवी कैमरा लगने के बाद तस्करों ने रास्ता बदल दिया है। वे अब गांवों की पगडंडियों और नदियों के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। देवरिया से सिवान तक फैले तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में अब तक नाकामी ही हाथ लगी है।
सूत्रों के अनुसार, गुठनी थाना क्षेत्र का एक मुखिया और श्रीकरपुर गांव का धंधेबाज कैरियरों के जरिए इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। दोनों धंधेबाज मेहरौना और गुठनी थाने के श्रीकरपुर चेक पोस्ट पर जमे रहते हैं। उधर, चार माह पूर्व गुठनी एसओ पर शराब की तस्करी में संलिप्ता मिलने पर कार्रवाई हो चुकी है।
बिहार में शराब बंदी के बाद बार्डर के रास्ते अवैध शराब तस्करी के धंधे ने जोर पकड़ा। तस्करों ने सिवान से देवरिया तक नेटवर्क बना लिया। तस्करों और बार्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों की गठजोड़ की चर्चा आम हुई तो लार थाना क्षेत्र के मेहरौना, बनकटा थाना के रामपुर बुजुर्ग, भवानी छापर, बरियारपुर थाना के करौंदी, भटनी के घांटी पुलिस चौकी पर करीब एक माह से पुलिस सक्रिय हुई।
पुलिस की सख्ती के बाद शराब तस्करों ने अपना रूट बदल दिया। रामजानकी मार्ग से लार थाना क्षेत्र के मेहरौना से बिहार में इंट्री करने वाले तस्कर चनुकी घाट सोहगरा के रास्ते आसानी से बिहार में प्रवेश कर जा रहे हैं। यहां पर न तो पुलिस रहती है और न ही कोई कैमरा लगा है। इसके अलावा तस्कर स्थानीय युवकों की मदद से चुरिया और मानिकपुर गांव के नदी बंधे तथा नाव से नदियों के रास्ते बिहार में शराब की खेप पहुंचा रहे हैं।
बनकटा थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग बार्डर पर पुलिस चेक पोस्ट है। तो तस्कर सुंदरपार, फफेलिया, रतसिया, परहिया, ताली, छेरिहा, कारेकाठ, हरपुर, सिकरहटा, मुडधरा, इंदरवा गांव के रास्ते बाइक, पिकअप और डीसीएम से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन गांवों के गुजरने वाले तस्करों को हल्का सिपाहियों का शह मिलती है। इसलिए बिना चेकिंग मालवाहनों की इंट्री बिहार में आसानी से मिल जा रही हैं।
बार्डर पर गुठनी थाना क्षेत्र के एक गांव का मुखिया और श्रीकरपुर गांव के एक शख्स की मिलीभगत से शराब की तस्करी का खेल चल रहा है। सूत्रों की माने तो दोनों की गुठनी और मेहरौना चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों में पैठ है। शराब के अलावा गोवंश की भी तस्करी गांवों के रास्ते हो रही है।
सजायाफ्ता बंदी निकला सीओ का आदमी
22 सितंबर को पटना पुलिस मुख्यालय से कराई गई जांच में सिवान जिले के गुठनी के एसओ अभिमन्यु कुमार और एक चौकीदार की शराब तथा गो तस्करी कराने में संलिप्तता मिली थी। गुठनी एसओ बेतिया जिले के दो प्राइवेट लोगों को रखकर तस्करी कराता था। जिसमे एक बेतिया का सजायाफ्ता बंदी निकला। फोन कॉल डिटेल के जरिए सारण रेंज के डीआईजी के स्तर से कार्रवाई की गई थी।
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केस नंबर एक
एक माह पूर्व बनकटा थाना क्षेत्र के सुंदरपार गांव के पास से पुलिस ने शराब के साथ तस्कर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तस्कर की पहचान सिवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के सिसवा गांव निवासी नीरज कुमार के रूप में की थी। वह गांव के रास्ते शराब की तस्करी करता था।
केस नंबर दो
एक माह पूर्व लार थाना क्षेत्र के मायापुर गांव के पास बंधे से लार पुलिस ने शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। बंधे के रास्ते वह अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जा रहा था। गांव वालों की मदद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में तस्कर सिवान जिले का निकला।
केस नंबर तीन
लार के चटिया गांव के रास्ते एक माह पूर्व सुतावर गांव के दो तस्कर रात में गोवंश को लेकर बिहार जा रहे थे, गांव के युवकों ने गोवंश के साथ तस्करों को पकड़ लिया। आधी रात को पहुंची पुलिस तस्करों को थाने लाई। केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
-बिहार जाने वाले बार्डर की चौकियों पर पुलिस को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। संदेह के आधार पर बिहार जाने वाले वाहनों की चेकिंग कराई जाती है। सभी वाहनों को रोक कर चेकिंग कराना संभव नहीं है। बिहार में गांव से होकर जाने वाले रास्तों पर नजर रखने के लिए हल्का सिपाहियों को निर्देश दिए गए हैं। : एएसपी दीपेंद्र कुमार
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