भटनी-वाराणसी रूट पर चलने वाली ट्रेनों से पकड़े जा चुके हैं कई बार तस्कर
तस्करों के नेटवर्क तक नहीं पहुंच पा रही जीआरपी और आरपीएफ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ट्रेनों से तस्करी होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। जीआरपी और आरपीएफ की उदासीनता का तस्कर फायदा उठा रहे हैं। भटनी-वाराणसी रूट पर चलने वाली ट्रेनों से भी कई बार तस्कर पकड़े जा चुके है। कार्रवाई भी इनके खिलाफ हुई है। ट्रेनों में सफर की आड़ में तस्करी का खेल काफी दिनों से चल रहा है। इनका नेटवर्क तोड़ने में जिम्मेदार फेल हैं।
केस एक
राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने सदर रेलवे स्टेशन पर दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 17 सोने का बिस्किट बरामद किया, इसका वजन 2 किलो 100 ग्राम थी। तस्करों की पहचान शहर के गायत्रीपूरम मोहल्ले के अमित कुमार वर्मा और नेहा वर्मा के रूप में हुई। आम्रपाली एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पर उतरते ही जीआरपी की मदद से टीम ने पकड़ लिया था। इनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।
केस दो
11 अक्तूबर को भटनी जीआरपी ने पैसेंजर ट्रेन से तीन युवकों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। तीनों युवक करीब एक लाख का अवैध शराब ट्रेन से लेकर बिहार जा रहे थे। तीनों युवक मोतिहारी जिले के रामकृपाल, उपेंद्र साहनी, रमन गुप्ता रहने वाले थे, केस दर्ज कर इन्हें जेल भेज दिया था।
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केस तीन
11 जुलाई को भटनी जीआरपी ने आठ लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। जिसकी कीमत करीब 73 हजार आंकी गई थी। गिरफ्तार आरोपी किसी वाहन से भटनी स्टेशन पर शराब लेकर पहुंचे थे, वह सिवान जाने के लिए किसी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे,छपरा,सिवान, वैशाली, सोनपुर और देवरिया के खुखुंदू का रहने वाले सभी शराब तस्कर थे।
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केस चार
जीआरपी ने शुक्रवार की रात को दो लोगों को 25 किलो चांदी और 14.20 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। एक महराजगंज जिले के रोहित वर्मा और कुशीनगर जिले के हरिशंकर वर्मा किसी ट्रेन से चांदी का खेप और रकम लेकर वाराणसी जाने वाले थे, इसी बीच दबोचे गए। इसकी जांच आयकर विभाग लखनऊ की टीम कर रही है।
वर्जन
तस्करों पर रोक लगाने के लिए स्टेशन और ट्रेनों में आरपीएफ की मदद से अभियान चलाया जाता है। तस्करों करने वाले कई नेटवर्क पर काम किया जा रहा है। बिहार से सटा जिला होने के कारण तस्करों की सक्रियता रही है। जो पकड़े जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-सुधाकर उपाध्याय इंस्पेक्टर जीआरपी