वेंटिलेटर से उठा धुंआ, तीन ऑक्सीजन प्लांट खराब
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को कोरोना से बचाव की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल में ही खामियों की पोल खुल गई। कोरोना वार्ड लगे चार वेंटिलेटर जैसे ही चालू हुए, उनमें से धुंआ उठने लगा। इससे अफरातफरी मच गई। वहीं, मेडिकल कॉलेज में लगे पांच ऑक्सीजन प्लांट में से दो चालू ही नहीं हो सके। रुद्रपुर में भी ऑक्सीजन प्लांट नहीं चालू हो सका। जनपद में मेडिकल कॉलेज, सीएचसी लार, पिपरादौलाकदम, गौरीबाजार, रुद्रपुर में मॉकड्रिल हुई।
विश्व स्तर पर कोविड के बढ़ते नए मामलों को देखते हुए शासन के निर्देश पर मंगलवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज सहित तीन सीएचसी में इससे निपटने की तैयारियों को परखा गया। अधिकारियों ने विशेष रूप से बनाए गए एमसीएच विंग में ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, निर्धारित बेड पर लगे सपोर्टेड स्क्रीनिंग मॉनीटर सहित अन्य मशीनों की क्रियाशीलता को देखा। चार जगहों पर एक मॉनीटर चालू होते ही उसमें से धुंआ निकलने लगा। इसके बाद जल्दी से इसका स्विच ऑफ किया गया। पांच ऑक्सीजन प्लांट में तीन ही चालू हालत में मिले। एडी ऑफिस से आए ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बीएम राव एवं जिला नोडल डॉ. पीएन कन्नौजिया ने बताया कि हाईवोल्टेज के चलते चार में से एक मॉनीटर जलने से यह स्थिति उत्पन्न हुई, इसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. राजेश झा एवं सीएमएच डॉ. एचके मिश्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में संभावित बीमारी को देखते हुए 50 बेड, 50 बड़ा सिलेंडर एवं 10 छोटा सिलेंडर उपलब्ध है। ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 160 बेड, 102 बड़ा और 120 छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। जनपद में आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएसएल लैब-2 की स्थापना की गई है। इसमें प्रतिदिन दो हजार जांच करने की क्षमता है। इस समय पांच सौ से अधिक जांच हर रोज हो रही हैं। 24 दिसंबर तक कुल दो लाख 70 हजार 958 जांचे की गई हैं। जनपद में कुल चार हजार वीटीएम एवं 10 हजार एंटीजन जांच किट एवं सात आक्सीजन प्लांट वर्तमान में उपलब्ध है।
जांच में डॉ. अजीत पाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
लार सीएचसी में डमी मरीज का परीक्षण कर जांची गई तैयारी
लार। सीएचसी में एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह की मौजूदगी में मॉकड्रिल की गई। इसमें सभी उपकरण क्रियाशील मिले। सबसे पहले एक डमी मरीज को स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस से लेकर सीएचसी के पीकू वार्ड में पहुंचे। यहां पहले से तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी पल्स, ऑक्सीजन स्तर, तापमान का परीक्षण किया। इसके बाद उसे वार्ड स्थित बेड पर लिटाकर ऑक्सीजन व जरूरी दवाएं दीं। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, बैक पाइप मशीन व पीडियाट्रिक की मशीनों की क्रियाशीलता को परखा गया। सभी मशीनें दुरुस्त मिलीं। इस दौरान मेंटरनल कंसल्टेंट विश्वनाथ मल्ल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीवी सिंह, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन सरस्वती, डॉ. संतोष कुमार आदि मौजूद रहे। अधीक्षक ने बताया कि इडा व भेल के प्रयास से सीएचसी परिसर में पांच सौ एलपीएम क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है।
पिपरा दौलाकदम सीएचसी पर स्वास्थ्यकर्मियों को कराया गया अभ्यास
देसही देवरिया। पिपरा दौलाकदम गांव स्थित सीएचसी मंगलवार को कोरोना से बचाव की तैयारियों को परखा गया। डब्लूएचओएस आरटीएल डॉ. अंकुर सांगवाल व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनय पांडेय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों को बीमारी से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास कराया गया। यहां कोरोना के लिए 30 बेड का अस्पताल, पांच सौ लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। हालांकि, मौजूदा जेनरेटर से 250 एलपीएम क्षमता ही इसकी रह गई है। बिजली रहने पर ही पूरी क्षमता से यह प्लांट चलाया जा सकता है। इससे पूर्व जून माह में मॉकड्रिल कराई गई। इस दौरान सीएचसी प्रभारी डॉ. शुभलाल, डॉ. प्रवीण पाल, फार्मासिस्ट वलीउल्लाह खान, राघवेंद्र सिंह, जसवंत प्रसाद, बीपीएम अमित, चांदनी सिंह, प्रतिभा चौहान, मालती आदि मौजूद रहे।
नहीं चला आक्सीजन प्लांट
रुद्रपुर। कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए आयोजित मॉक ड्रिल कुछ जगहों पर महज नुमाइशी साबित हुआ। रुद्रपुर सीएचसी पर कोरोना से बचाव के लिए आयोजित पूर्वाभ्यास कार्यक्रम फ्लाप रहा।
मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय चंद की देखरेख में मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान कोविड वार्ड में अंधेरा पसरा रहा। कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन देने के लगा प्लांट ऐन वक्त पर जवाब दे दिया। डिप्टी सीएमओ ने प्लांट चालू कराने की एक घंटे तक कोशिश की। कई मैकेनिक बुलाए गए, लेकिन अंत तक ऑक्सीजन प्लांट नहीं चालू हुआ। मॉकड्रिल के लिए डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्याय की ड्यूटी लगाई गई थी। मॉक ड्रिल शुरू होने पर स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय अनुपस्थित रहे। खराब व्यवस्था को लेकर डिप्टी सीएमओ ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव को मॉकड्रिल में गैरहाजिर कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना को देखते हुए तैयारी का जायजा लेने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया है। व्यवस्था में काफी खामियां पाई गई हैं। पेंडमिक के मामले में लापरवाही ठीक नहीं है। रुद्रपुर में 50 शैया का कोविड वार्ड को पूरी तरह ठीक किया जाए। उन्होंने अधीक्षक को आक्सीजन प्लांट ठीक कराने का निर्देश दिए। इस अवसर पर डॉ. दिनेश यादव, डॉ. वाईपी यादव, डॉ. सुशील मल्ल, विकास कुमार, यशवंत सिंह, विवेक जायसवाल तेज बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।