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Deoria News: कटे होठ की सर्जरी से लौट रही बच्चों के चेहरे पर मुस्कान

Wed, 10 May 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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आपरेशन के बाद मां के साथ दीया
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-अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 13 बच्चों के कटे होठ और तालू की हुई सर्जरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जन्मजात कटे होठ और तालू से पीड़ित बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। इससे उनके चेहरे पर मुस्कान लौट रही है। 13 अप्रैल को दीया का सफल ऑपरेशन किया गया। इसके बाद वह अन्य बच्चों की तरह दिख रही है और उसके माता-पिता सहित परिवार के सदस्य प्रसन्न हैं।
जनपद में आरबीएसके की 32 टीमें हैं। टीम के सदस्य परिषदीय विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करते हैं और जांच कर बीमार बच्चों को चिह्नित करते हैं। इसके बाद उनका इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाता है। गंभीर से पीड़ित व कटे होठ, तालू सहित अन्य बीमारियों की सर्जरी कराई जाती है। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक कटे होठ के जिले के 13 बच्चों की सरकारी खर्चे पर गोरखपुर स्थित निजी अस्पताल में सर्जरी कराई गई है। तरकुलवा के अवधेश प्रसाद की आठ वर्ष की बच्ची दीया का होठ और तालू जन्म से कटा था। जन्म के समय यह देख परिवार निराश हो गया। उसे स्तनपान करने और खाने में दिक्कत होती थी। पांच वर्ष की उम्र होने पर उसका नामांकन प्राथमिक विद्यालय में कराया गया। इसी बीच 10 जनवरी 2023 केे आरबीएसके टीम के डॉ. अशरफ हुसैन सिद्दीकी, डॉ. शिल्पा शर्मा व एएनएम संगीता सिंह जांच करने पहुंचीं। उसे बोलने व खाने-पीने में दिक्कत थी। टीम ने परिजनों से संपर्क कर इलाज की जानकारी दी और 25 फरवरी को सरकारी एंबुलेंस से उसे गोरखपुर स्थित निजी अस्पताल भेजा, जहां जरूरी जांच के बाद 28 फरवरी को कटे होठ की सर्जरी की गई। अगले दिन उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद आरबीएसके टीम ने दोबारा स्क्रीनिंग कर तीन अप्रैल 2023 को फिर अस्पताल भेजा, जहां 13 अप्रैल को डॉक्टरों ने कटे तालू की सर्जरी कर दी। अब वह घर पर अन्य बच्चों की तरह है।
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आरबीएसके टीम के डॉ. अशरफ हुसैन ने बताया कि यदि परिजन यह ऑपरेशन अपने स्तर से कराते तो 60 हजार रुपये खर्च करने पड़ते।

जन्म के समय भी हो सकता है ऑपरेशन देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता भारती ने बताया कि यदि बच्चे को जन्म से कटे होठ और कटे तालू की समस्या है तो समय रहते ऑपरेशन किया जा सकता है। कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जिन्हें देरी से चिकित्सक के पास ले जाने पर उनका इलाज संभव नहीं हो पाता। कटे होठ और तालू की सर्जरी 12 वर्ष की आयु के भीतर कराने से सफल हो पाती है।
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