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स्टेडियम में संचालित ताइक्वांडो शिविर में सेंसर सेट नहीं होने से खिलाड़ियों को हो रही थी परेशानी
मैनुअल पॉइंट मिलने पर खिलाड़ियों मन में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बेहतर अंक नहीं मिलने की रहती थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम के ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सेंसर सेट उपलब्ध हो गया है। खिलाड़ियों की मांग पर खेल निदेशालय ने इसे उपलब्ध कराया है। अब खिलाड़ियों को मुकाबला के दौरान अंक मिलने में पारदर्शिता होगी और किसी के मन में असंतुष्टि का भाव नहीं होगा। नए सत्र से ही प्रशिक्षण शिविर आरंभ होने के बाद खिलाड़ी सेंसर सेट पर अभ्यास कर रहे हैं।
दस सालों से जनपद के ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सेंसर सेट मिलने का इंतजार था। अब तक वे इसके बिना ही प्रैक्टिस करने के लिए मजबूर थे। हालांकि, प्रतियोगिता के दौरान बेहतर किक के बावजूद मनमाफिक अंक नहीं मिलने पर उनके मन में निराशा का भाव आ जाता था।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले 10 सालों से लगातार ताइक्वांडो का शिविर संचालित हो रहा है। वैसे तो प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों को चेस्ट गार्ड, हेड गार्ड सहित खेल से संबंधित अन्य उपकरण उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन सेंसर सेट नहीं होने से उनके मन में कहीं न कहीं बेहतर अंक न पाने की निराशा रहती है।
अंडर-48 किलो जूनियर वर्ग की खिलाड़ी समृद्धि गुप्ता, अंडर- 68 किलो सीनियर वर्ग के हर्ष यादव ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंक के लिए सेंसर सेट की ही निर्णायक मदद लेते हैं। जिले के कई खिलाड़ी जो नेशनल स्तर तक बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सेंसर सेट नहीं होने से उनके सपनों को बड़ी उड़ान नहीं मिल पा रही थी, उन्हें खुशी है कि नए सत्र से अब वह भी इस उपकरण की मदद से बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
सेंसर सेट में स्क्रीन पर पॉइंट दिखने से खेल में रहती है पारदर्शिता
ताइक्वांडो के प्रशिक्षक एवं जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव गिरीश सिंह ने बुधवार को बताया कि चेस्ट गार्ड व हेड गार्ड में ही सेंसर लगा होता है। जब खिलाड़ी एक-दूसरे पर किक से प्रहार करते हैं तो अंक स्क्रीन पर दिखता है। इससे खिलाड़ियों को मिलने वाले अंक में पारदर्शिता रहती है। मैनुअल देखने के दौरान रेफरी किसी एंगल से अगर प्रहार नहीं ठीक से देख पाता तो इससे खिलाड़ी को मिलने वाले अंक पर असर पड़ जाता है। जिले में होने वाली प्रतियोगिताओं में अब तक रेफरी कागज पर ही पॉइंट देते हैं। सेंसर सेट के हो जाने से पारदर्शिता अधिक रहेगी। खिलाड़ियों के बीच विवाद नहीं होगा। जनपद के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक प्राप्त करते हैं लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता सेंसर सेट पर होने की वजह से उनके प्रदर्शन में निखार नहीं आ रहा था। जिलाधिकारी की पहल पर सेंसर सेट खिलाड़ियों को मिला है। सेंसर सेट में चेस्ट गार्ड, हेड गार्ड सेंसर सॉक्स होता है, जिससे खिलाड़ी एक-दूसरे पर किक का प्रदर्शन करते हैं तो पॉइंट ऑटोमेटिक खिलाड़ी का दिखाई देता है। सेंसर सेट आने से उनके खेल में और निखार आएगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जनपद के खिलाड़ी बेहतर कर सकेंगे।
ताइक्वांडो में यहां के खिलाड़ी अभाव में भी कर रहे बड़ा नाम
जिले के खिलाड़ी अभावों में भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। इसमें प्रियंका कुमारी, रिया कन्नैजिया तो थाईलैंड में खेल चुकी हैं। इसके अलावा तुशिका वर्मा, तन्नू वर्मा, आयुषी प्रजापति को फरवरी माह लखनऊ में आयोजित खेलो इंडिया वीमेंस लीग में कांस्य पदक मिला है। इसके अलावा स्टेडियम के खिलाड़ी स्टेट प्रतियोगिताओं में भी दमदार प्रदर्शन कर जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं।
कोट
खेल निदेशालय से ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए सेंसर सेट उपलब्ध करा दिया है। अब वह अभ्यास के दौरान इसकी मदद ले रहे हैं। उन्हें किक मारते समय सही अंक का पता चल जा रहा है।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी