- बुधवार की देर रात देवरिया शहर के एक मैरिज लॉन में हुई थी 15 लाख के आभूषण की चोरी
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस विभाग ने की थी सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील
अग्निसुरक्षा मानकों पर भी खरे नहीं उतरते कई मैरिज हाॅल, होटल व लॉन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में 40 से अधिक मैरिज हॉल, होटल और लाॅज हैं। यहां लगन के दिनों में शादियों के लिए बुकिंग की जाती है। इन दिनों लगन का समय होने के कारण भीड़ भी जुट रही है। लेकिन, वहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
बुधवार की रात में शहर के कसया रोड स्थित मैरिज लॉन में 15 लाख के आभूषण चोरी हो गए थे। लेकिन, घटना के तीसरे दिन भी चोर का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। ऐसे में लोगाें को अपनी सुरक्षा का ख्याल खुद रखना पड़ेगा। ये मैरिज हॉल, होटल और लॉज अग्निसुरक्षा मानकों को भी पूरा नहीं करते हैं।
वैवाहिक कार्यक्रमाें में मैरिज हाॅल, होटल, लॉन सहित कई ऐसे स्थल हैं, जिनकी बुकिंग होती है। वर और वधू पक्ष के अलावा काफी संख्या में बराती और अन्य आमंत्रित लोग पहुंचते हैं। वहां कभी मारपीट तो कभी चोरी की नौबत आ जाती है। ऐसे में यदि सुरक्षा के इंतजाम न हों तो तत्काल राहत मिलनी मुश्किल होती है। पुलिस को भी जांच-पड़ताल करने में दिक्कतें होती हैं।
ऐसे दो मामले अभी हाल के दिनों में सामने आए हैं। बीते महीने 29 तारीख की देर रात भोजन के दौरान पानी घट जाने पर विवाद हो गया था। बरातियों व घरातियों का मैरिज हाॅल के लोगाें से विवाद हो गया था। उसके बाद घराती-बराती पक्ष और मैरिज हाॅल के लोगों की बीच मारपीट हो गई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। तीन गाड़ियों के शीशे टूट गए। सूचना पर सुरौली थाने की पुलिस पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। हालांकि, बाद में दोनों पक्षाें ने समझौता कर लिया।
इसके बाद बुधवार की रात सदर कोतवाली क्षेत्र के कसया रोड स्थित मैरिज लॉन में वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान 15 लाख के आभूषण चोरी हो गए थे। वहां सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण पुलिस को जांच करने में दिक्कतें हो रही हैं। यदि कैमरे लगे होते तो चोर का पता आसानी से लगाया जा सकता था।
अग्निसुरक्षा मानकों को पूरा करना भी जरूरी
होटल, मैरिज हॉल या लाॅन वाले स्थानों पर अग्निसुरक्षा मानकों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। वहां आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, आग से बचाव के लिए पानी का टैंक और दो सीढि़यां होनी चाहिए। ताकि एक तरफ से आया और दूसरी तरफ से जाया जा सके। यदि किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए तो सुरक्षित बाहर निकलना भी सुविधाजनक होता है, लेकिन ऐसी व्यवस्था कम ही जगह होती है।
पार्किंग और डीजे के लिए लिए भी निर्देशों का नहीं होता पालन
होटल, मैरिज हॉल और लॉन के लिए अपना पार्किंग स्थल होना चाहिए। ताकि वैवाहिक समारोह या अन्य कार्यक्रमों के समय आने वाले वाहन पार्किंग स्थल पर खड़े किए जाएं। लेकिन, इसका पालन नहीं होता। अधिकतर के पास तो पार्किंग होती नहीं और यदि किसी के पास होती भी है तो उसे भी बुक कर देते हैं। इससे वाहन सड़क पर खड़े होने से जाम लग जाता है।
इसके अलावा रात दस बजे के बाद डीजे बजाने पर मनाही होती है। ताकि आसपास के रहने वाले बच्चों, वृद्धजनों और बीमार लोगों को डीजे के शोर से घबराहट या अन्य किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसका भी ध्यान नहीं रखा जाता है। बरात गुजरते समय पटाखे कहीं किनारे फोड़ने के बजाय बीच सड़क पर फोड़ते हैं। इससे आने-जाने वाले लोगों का वाहन से संतुलन बिगड़ने से चोटिल होने का अंदेशा रहता है।
परिचर्चा-
मैरिज हाॅल में रात के समय पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं रहता है। बरात में आने वाली गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं। इस वजह से आने-जाने में दिक्कतें होती हैं। गाड़ियों के हॉर्न से होने वाले शोर से परिवार के लोग परेशान रहते हैं।
-अजहर अंसारी, आबेडकर नगर, देवरिया
मैरिज हॉल के बगल में घर है। लगन में जब वह बुक हो जाता है तो डीजे के शोर से परिवार के लोग परेशान हो जाते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों की घबराहट बढ़ जाती है। डीजे कम आवाज में बजाना चाहिए। रात में दस बजे के बाद तो बिल्कुल नहीं।
-संजीव कुमार सिंह, आंबेडकर नगर, देवरिया
वर्जन-
होटल, मैरिज हॉल या लॉन के संचालकों को पूर्व में इस बारे में अवगत कराया जा चुका है कि सुरक्षा के लिहाज से वे अपने वहां सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। इससे वहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। यदि कोई घटना भी हो जाए तो पुलिस को जांच करने में सहूलियत हो। कुछ ने लगवा भी लिया। संचालकों को सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान रखना चाहिए।
-संकल्प शर्मा, एसपी