बीएसए कार्यालय पर पूरे दिन जमी रही कोतवाली पुलिस, विभाग में रही खूब चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरहज तहसील क्षेत्र के एक स्कूल प्रबंधक ने बुधवार को बेसिक कार्यालय में आत्मदाह की धमकी देते हुए इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसे लेकर कोतवाली पुलिस और विभागीय अधिकारी दोनों हलकान रहे। हालांकि, उनके कार्यालय नहीं आने से दोनों ने राहत की सांस ली।
बरहज क्षेत्र के चित्रा कान्वेंट स्कूल देवपार के प्रबंधक जनार्दन चौहान ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया है कि उनके विद्यालय की मान्यता है। 10 मई को उनके विद्यालय की जांच वहां के खंड शिक्षा अधिकारी ने की थी। इसमें उन्हें भी बीईओ ने नोटिस दिया था। जबकि उनके पास अस्थायी मान्यता है। वह स्थायी मान्यता के लिए प्रयासरत हैं। अगले दिन अखबारों में यह खबर भी छपी तो उनके विद्यालय की मान्यता को लेकर सवाल उठने लगे। कई अभिभावक अपनी जमा फीस को वापस करने की मांग को लेकर उनसे तू-तू मैं-मैं करने लगे।
विभागीय लापरवाही के विरोध में वह अपने संगठन से अपील कर रहे हैं कि 15 मई को वह बेसिक कार्यालय में आत्मदाह करेंगे। हालांकि, अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। उधर वीडियो कई ग्रुप में वायरल होने के बाद से ही जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी सतर्क हो गए।
बीएसए ने इसकी सूचना एसपी को दे दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस के दो इंस्पेक्टर व महिला कांस्टबेल सुबह 10 से लेकर दोपहर तीन बजे तक बीएसए कार्यालय पर स्कूल प्रबंधक के आने का इंतजार करते रहे। उनके नहीं आने ने सभी ने राहत की सांस ली।
वर्ष 2020 में ही समाप्त हो गई मान्यता तो तीन साल तक कैसे चलता रहा विद्यालय
उधर, बेसिक कार्यालय के मान्यता पटल से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि संबंधित विद्यालय को वर्ष 2017 से 2020 तक चलाने की अस्थायी मान्यता मिली थी। वर्ष 2020 में विद्यालय की मान्यता समाप्त हो चुकी है। सवाल तो यह है कि जब विद्यालय की मान्यता समाप्त हो चुकी थी तो किसकी कृपा की बदौलत तीन साल तक संबंधित विद्यालय चलता रहा। इसे लेकर बीआरसी बरहज व बीएसए कार्यालय के संबंधित पटल देखने वाले कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
कोट
10 मई को इस विद्यालय की जांच की गई थी। स्कूल प्रबंधक को बीएसए कार्यालय से तीन साल की अस्थायी मान्यता मिली थी, जो वर्ष 2020 में समाप्त हो चुकी है। उन्हें नए नियमों के अंतर्गत स्थायी मान्यता लेने के लिए निर्देश दिए गए थे। तीन साल तक विद्यालय कैसे चलता रहा, इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते, उन्हें अभी जिले में आए हुए केवल डेढ़ माह ही हुए हैं।
- राजकिशोर सिंह, बीईओ बरहज
मान्यता को लेकर बीआरसी से लेकर बीएसए कार्यालय तक अधिकारी व पटल देखने वाले कर्मचारी स्कूल प्रबंधकों को परेशान करने से बाज नहीं आते। इसी के चलते एक स्कूल प्रबंधक को ऐसा करना पड़ा। हालांकि, विभागीय नियमों के अनुसार, उन्हें संबंधित नए मानकों के अनुसार मान्यता लेेने का प्रयास करना चाहिए। संगठन उनके साथ है।
-संगीता सिंह, जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ की जिलाध्यक्ष
बरहज के एक स्कूल प्रबंधक की ओर से बीएसए कार्यालय परिसर में आत्मदाह करने का वीडियो वायरल होने के बाद इसकी सूचना एसपी को दी गई थी। बुधवार को कोतवाली पुलिस भी परिसर में जमी रही। हालांकि, प्रबंधक नहीं आए। मान्यता से जुड़ी कोई उनकी समस्या थी तो उन्हें अपनी शिकायत लेकर मेरे पास आना चाहिए था। विभाग पर अनावश्यक दबाव डालने की नीयत से वह वीडियो वायरल कर रहे हैं।
-शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए