एक करोड़ 99 लाख 33 हजार पेट्रोल का आनलाइन हुआ विक्रय
ऑनलाइन मिलान करने पर एक करोड़ 70 लाख 87 हजार रुपये ही हुए प्राप्त
पीड़ित ने बैंक, स्वैप मशीन, अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध दी तहरीर
पुरवा चौराहे के जीएस ऑटोमोबाइल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के पुरवा चौराहे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन विक्रय के लिए लगे क्यूआर कोड व स्वैप मशीन से करीब 28.44 लाख रुपये का गोलमाल हुआ है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब पेट्रोल पंप संचालक ने एक वर्ष के हिसाब का मिलान किया। जानकारी होने के बाद उन्होंने फरवरी माह में ही बैंक प्रबंधन से लेकर स्थानीय पदाधिकारियों से गुहार लगाई।
जांच भी हुई लेकिन मिलान में कम मिले रुपये के संबंध में कोई जानकारी न मिली और न ही पदाधिकारियों द्वारा दी गई। करीब दो माह बाद पेट्रोल पंप संचालक ने दो मई को पुलिस को तहरीर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई।
शहर के पुरवा चौराहे पर वर्ष 2019 से जीएस आटोमोबाइल, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप है। इसके मालिक संतोष कुमार त्रिगुणायत पुत्र स्व. सच्चिदानंद त्रिगुणायत हैं। पेट्रोल पंप जीएस आटोमोबाइल का सीसी बैंक खाता संख्या 50415593407 इंडियन बैंक, अंसारी मार्ग में है। पंप मालिक ने पेट्रोल पंप पर ऑनलाइन विक्रय के लिए बैंक से क्यूआर कोड व बोलने वाली एम स्वैप मशीन प्राप्त की थी। यह दिनांक 03.01.2023 से संचालित है।
पंप मालिक के अनुसार, पेट्रोल पंप पर 03 जनवरी 2023 से 24 जनवरी 2024 तक कुल 1,99,31,612 रुपये यानी एक करोड़ 99 लाख 31 हजार 612 रुपये का क्यूआर कोड व स्वैप मशीन से पेट्रोल डीजल का ऑनलाइन विक्रय हुआ है। उक्त ऑनलाइन विक्रय की संपूर्ण धनराशि मेरे खाते में जमा होनी चाहिए थी। उक्त अवधि के पेट्रोल व डीजल के ऑनलाइन विक्रय की धनराशि व प्रार्थी के बैंक खाते में प्राप्त धनराशि का मिलान करने करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त अवधि में मेरे बैंक खाते में कुल 1,70,87,021 रुपये यानी एक करोड़ 70 लाख 87 हजार 21 रुपये मौजूद हैं।
इस प्रकार कुल 28,44,590 यानी 28 लाख 44 हजार 590 रुपये अधिकारियों व कर्मचारियों ने गोलमाल कर लिया है। इसी जानकारी मुझे फरवरी माह में ही हो गई थी। इसके बाद मैंने बैंक प्रबंधन, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लोकपाल कानपुर, डीएम को 27 फरवरी को इसकी जानकारी दी। जानकारी देने के बाद जांच शुरू हुई परंतु अप्रैल माह बीतने के बाद भी मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई। बाध्य होकर मैंने अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस तहरीर मिलने के बाद जांच में जुट गई।
कोट
तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस बैंक प्रबंधन से मिलान में कम पड़ रही राशि के बारे में जानकारी लेगी।
-संजीव कुमार रेड्डी, सीओ सिटी