सजधज कर तैयार हुआ बाबा दुग्धेश्वर नाथ का मंदिर
एडीएम ने ली मंदिर की व्यवस्था का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। मंगलवार से सावन का पवित्र माह शुरू हो गया। पौराणिक महत्व के दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पर दो माह तक चलने वाले सावन और अधिकमास में भगवान शिव की पूजा अर्चना शुरू हो गई है। श्रावण और पुरुषोत्तम मास में शिवभक्तों के लिए दुग्धेश्वरनाथ नाथ का मंदिर सज-धज कर तैयार हो गया है।
दूसरी काशी का दर्जा प्राप्त दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में महाकाल के सदृश्य स्वयं भू शिवलिंग के दर्शन और पूजन के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का जमावड़ा हो रहा है। मंदिर की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था का सोमवार को एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने जायजा लिया। उन्होंने मेला और मंदिर परिसर में सफाई और पथ प्रकाश व्यवस्था देखी। एडीएम ने रुद्रपुर नगर से होकर मंदिर जाने वाले मार्ग पर बने गड्ढों को पाटने का लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन आरके सिंह को निर्देश दिए। मंदिर जाने वाली सड़क पर बने गड्ढों को भरा जा रहा है। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कमलेश कुमार शाही को जलाभिषेक के लिए बने रास्ते पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया। मंदिर पर दो माह तक जलाभिषेक के लिए शिवभक्त कावड़ियों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान एसडीएम अरुण कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार अनिल तिवारी, रामविनोद शुक्ला, ब्रजेश कुमार शर्मा, मंदिर के महंत विजयशंकर आदि मौजूद रहे।
सावन और पुरुषोत्तम मास का दुर्लभ संयोग लाभप्रद
ज्योतिषाचार्य पं. अनूप शुक्ला ने कहा कि श्रावण और पुरुषोत्तम मास का संयोग दुर्लभ होता है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास लगने से शिव की दो माह तक पूजा होगी। 15 दिनों तक श्रावण मास में हरिहरात्मक भक्ति का योग है। हंस तीर्थ स्थल दुग्धेश्वरनाथ मंदिर परिक्षेत्र में शिव पार्वती और भगवान बामन का विग्रह एक साथ स्थापित होने से यह स्थान हरिहरात्मक भक्ति के लिए सबसे योग्य स्थल है। यहां शिव और भगवान विष्णु का पवित्र श्रावण और अधिकमास में अराधना करने से मनोवांक्षित फल की प्राप्ति होती है।
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सावन मास में सजे शिवालय
सावन मास के शुरू होते ही देसही देवरिया विकास खंड क्षेत्र में प्रमुख शिवालयों पर जलाभिषेक की तैयारियां पूरी हो गई है। क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल के महुआबारी, रामपुर हिरामन, बैजनाथपुर, हेतिमपुर, नौतन हथियागढ़, रामपुर गौनरिया, हरैया बसंतपुर, जंगलबेलवा, महुआडीह, लक्ष्मीपुर सहित प्रमुख शिवालयों पर जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को सावन मास के पहले दिन से यहां जगह-जगह मेला और भजन कीर्तन का दौर शुरू हो जाएगा।