उमस भरे मौसम से बेहाल हुआ जनजीवन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी रविवार को खतरे के निशान 66.50 से दस सेमी नीचे प्रवाहित हो रही थी। सरयू का जलस्तर नीचे खिसकने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि झमाझम बारिश न होने के कारण बढ़ी उमस से जहां फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं जनजीवन बेहाल हो गया है।
नदी खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर बह रही थी, जिससे राप्ती में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। नदी के जलस्तर में वृद्धि से पानी नाली-नालों से होते हुए खेतों की ओर बढ़ रहा था। जबकि कटइलवा-कपरवार संगम तट और परसियां-विशुनपुर देवार के पीडब्ल्यूडी बांध पर बाढ़ का पानी दबाव बनाने लगा था। शाम तक नदी के पीछे हटने से कटइलवा, कुरह परसियां, भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार के दर्जनों टोलों के लोगों ने राहत की सांस ली है। सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि नदी पीछे हटी है। जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। खतरे जैसी कोई बात नहीं है।