तीसरी बार नदी के करवट लेने से तटवर्ती गांवों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे में 25 सेमी की बढ़त बनाते हुए खतरे के निशान 66.50 से 66.95 मीटर पर बह रही है। नदी के पीछे हटने से लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की थी, लेकिन जलस्तर में फिर वृद्धि होने पर तटवर्ती गांवों के लोगों को पिछले वर्ष की याद ताजा हो गई हैं, जिससे उनके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
सरयू के एक बार फिर करवट लेने से नदी का पानी गांवों की ओर रुख कर रहा है। परसियां-विशुनपुर देवार के आधा दर्जन मोहल्लाें तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव नदी के चारों ओर से घिरा होने के कारण मैरूंड हो गया है। अखिलेश सिंह, जवाहिर यादव, मुखलाल, ज्ञान सिंह, नुरूल अंसारी आदि का कहना है कि जलस्तर में कमी आने से कुछ हद तक राहत मिली थी, लेकिन नदी के उतार-चढाव को लेकर पिछले वर्ष की याद ताजा हो जा रही है। सरयू बेलडॉड़, राजनगर, कटइलवा और बरहज पेट्रोल पंप पर, जबकि राप्ती कपरवार के रुद्रपुर मार्ग से होकर बहने लगी थी। लोगों का यह भी कहना है कि नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से कटान जैसी संभावना को बल मिल रहा है। नदी में आई बाढ़ के कारण चारों ओर पानी होने से फसलों के बर्बाद होने के साथ मवेशियों के लिए चारा का संकट गहरा रहा है।
कोट-
नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। नदी में 25 सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। फिलहाल हालात सामान्य है। तटबंधों पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड