बरहज के कपरवार स्थित बिनोवापुरी गांव के निकट रुद्रपुर मार्ग तक पहुंचा राप्ती का पानी संवाद
सलेमपुर। नेपाल से दोबारा चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण भागलपुर क्षेत्र में सरयू नदी चार दिन से उफान पर है। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में वृद्धि दर कम रही। सुबह आठ बजे तक धीमी गति से बढ़ रही नदी दस बजे स्थिर हो गई। दोपहर बाद नदी में दोबारा बढ़ाव शुरू हो गया। फिलहाल नदी तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरे के निशान से 75 सेमी ऊपर बह रही है। नदी के अप्रत्याशित परिवर्तन से तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार शुक्रवार दोपहर नदी का जलस्तर 65 मीटर 05 सेमी दर्ज किया गया। जबकि बृहस्पतिवार को यह जलस्तर 64 मीटर 98 सेमी दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में सात सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद नदी खतरे के निशान से 75 सेमी ऊपर बह रही थी। नदी के जलस्तर में हफ्ते दिन में कई बार उतार-चढ़ाव देखा गया है। इससे तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। नदी में हो रहे उतार-चढ़ाव से कटान भी शुरू हो गया है। देवसिया गांव के किसानों की जमीन नदी में समा रही है। प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। बरहज के तहसीलदार अश्वनी कुमार ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए प्रशासन तैयार है। तहसील कर्मचारियों को बाढ़ राहत चौकी पर तैनात कर दिया गया है और 24 घंटे मौजूद रहने को कहा गया है।