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Deoria News: सरयू, राप्ती और गोर्रा उफान पर, लोग सहमे

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बरहज थाना घाट पर डूबी सीढि़यां  संवाद
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-रुद्रपुर में बंधों पर कटान गोर्रा नदी का दबाव तेज, खेती पर कहर बरपा रही राप्ती
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-भागलपुर में सरयू नदी लाल निशान से 42सेमी ऊपर
-बरहज में सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 90 सेमी ऊपर बह रही
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के रुद्रपुर, बरहज और भागलपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोग दहशत में हैं। बरहज में सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 90 सेमी ऊपर 67.40 मीटर पर बह रही है। हालांकि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे से नदी का जलस्तर थम गया है। भागलपुर में सरयू नदी खतरे के निशान से 42 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का पानी तटवर्ती इलाकों में तेजी से फैल रहा है।
सरयू का पानी नरियांव से देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क पर चढ़ गया है। वहीं रुद्रपुर में गोर्रा नदी लाल निशान 70.50 मीटर से महज 15 सेमी और राप्ती 35 सेमी नीचे बह रही है। क्षेत्र के तिघरा मराछी बांध पर दर्जनों जगह रेनकट्स मुंह फैलाए बैठे हैं। कछार के 64 और दोआबा के 52 गांव के लोग सहम गए हैं। बाढ़ को लेकर प्रशासन भी मुस्तैद है।
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रुद्रपुर और एकौना
प्रतिनिधि के अनुसार गोर्रा नदी लाल निशान 70.50 मीटर से महज 15 सेमी और राप्ती 35 सेमी नीचे बह रही है। क्षेत्र के तिघरा मराछी बांध पर दर्जनों जगह रेनकट्स मुंह फैलाए बैठे हैं। बांध को छलनी कर चुके साही की मांद से बंधों में रिसाव होने पर कटान की प्रबल संभावना बनी है। सलसलाएं बंधों की हालत देख कछार के 64 और दोआबा के 52 गांव के लोग सहम गए हैं। बंधे और नदी के बीच पिड़रा, रतनपुर, गायघाट, तलशपुरवा, सोनबह, रामपुर, सरया, मझने जंगल डोमडीला आदि जगहों पर किसानों की फसल चार दिन से डूबी है।
किसानों के अनुसार एक सप्ताह तक फसल डूबी रही, तो भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। गोर्रा नदी पिड़रा पुल के दोनों छोर पर हर कटान कर रही और सिंचाई विभाग बोरी में मिट्टी डाल कर कटान रोकने के प्रयास में जुटा है। यहां दो साल से हो रहे कटान का स्थायी निजात नहीं हो पाया।

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सरया पुल की धंसने लगी एप्रोच
मदनपुर
प्रतिनिधि के अनुसार रुद्रपुर से कपरवार मार्ग पर स्थित सरया पुल की एप्रोच धंसने लगी है। रेनकट्स के कारण धंस रही एप्रोच से रास्ता बाधित हो सकता है। मार्ग पर गोरखपुर, मऊ, बनारस, आजमगढ़ जिले के लोगों की आवाजाही होती है। छह माह पहले मरम्मत हुई रुद्रपुर से कपरवार तक सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है। सरया पुल की एप्रोच धंसना शुरू होने से रास्ता रुक सकता है। सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि रुद्रपुर से कपरवार मार्ग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। छह साल में दो बार सड़क की मरम्मत कर धन का बंदर बांट किया गया है।



प्रशासन ने बनाई 14 बाढ़ चौकियां
गोर्रा और राप्ती में उफान को देख प्रशासन ने बचाव की तैयारी शुरू कर दी। बंधों पर मरम्मत के साथ 14 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल नरायनपुर, आचार्य रामचंद्र शुक्ल इंटर कॉलेज सरांव, प्राथमिक विद्यालय गौनरिया, श्रीनगर कोल्हुआ, इंटर कॉलेज गनियारी, गायघाट, नकईल, मंदिर स्थान एकौना, प्रावि नगवा खास, नरायनपुर डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज पिपरा कछार, जूनियर हाई स्कूल रुद्रपुर, सतासी इंटर कॉलेज और प्रावि कोइलगढ़हा को बाढ़ चौकी बनाने के लिए प्रशासन ने चिह्नित किया है।

सरयू के तेवर तल्ख लोगों की धड़कनें बढ़ी

फोटो समाचार.....

लाल निशान से 42सेमी ऊपर
भागलपुर
प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी का तेवर तल्ख हो गया है। 72 घंटे से नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। खतरा निशान 42 सेमी ऊपर बहने वाली नदी बढ़ाव पर है, ऐसे में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। सरयू का पानी नरियांव से देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क चढ़ गया है। इसके चलते बंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह से आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
आयोग ने 24 घंटे के दौरान जलस्तर कम होने का पूर्वानुमान लगाया है। शुक्रवार दोपहर नदी का जलस्तर रेगुलेटर पर 64 मीटर 72 सेमी दर्ज किया गया, जो रेगुलेटर पर अंकित खतरा निशान 64 मीटर 30 सेमी से 42 सेमी सेमी ऊपर है। नदी का पानी तटवर्ती इलाकों में तेजी से फैल रहा है। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन चौकन्ना है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी में आधा सेमी प्रति घंटे की बढ़ोतरी हो रही है। अगले 24 घंटे में नदी का जलस्तर कम होने का अनुमान है। जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

रात से थमा सरयू का जलस्तर, नदी के पीछे हटने की जगी उम्मीद

विशुनपुर देवार के नौ टोलों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
बरहज
प्रतिनिधि के अनुसार सरयू में 12 दिनों से सैलाब उमड़ आया है, जिससे नदी खतरे के निशान 66.50 से 90 सेमी ऊपर 67.40 मीटर पर बह रही है। हालांकि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे से नदी का जलस्तर थम गया है। 16 घंट से जलस्तर में कोई परिवर्तन नहीं देखे जाने से लोगों में नदी के पीछे हटने की उम्मीद जगी है। वहीं लोगों ने कुछ हद तक तक राहत महसूस किया है।

सरयू के उग्र होने से राप्ती नदी भी उफान पर है। नदियों का पानी खेतों के रास्ते गांवों तक पहुंच रहा है। भदिला प्रथम गांव मैरूंड हो गया है। वहीं उग्रसेन पुल के निकट गोरखपुर जनपद के कोलखास नई बस्ती में घरों तक पानी पहुंच गया है। विशुनपुर देवार के ओमप्रकाश यादव, मंजनाथ, बांकेलाल, दुर्गेश, सुनील का कहना है कि नदी में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी स्कूलहिया, कतलहिया, चौहान टोला, लोहार बस्ती, पुरानी-नई दलित बस्ती, बांके टोला, किशुन, जरलहवा आदि टोलों तक पहुंच गया है। सरयू के उग्र होने से नदी का पानी विशुनपुर देवार के पीडब्ल्यूडी बांध पर दबाव बना रहा है। वहीं रुद्रपुर-कपरवार मार्ग पर बिनोवापुरी और महेन के निकट ईंट भट्ठे के समीप सड़क के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भदिला प्रथम गांव के चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण लोग सांसत में हैं। यहां जरूरत पड़ने पर लोग जान जोखिम में डाल नाव से आवागमन करने पर विवश हैं।
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सरयू के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। नदी खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रही है। 16 घंटे से जलस्तर थमा हुआ है। नदी के पीछे हटने की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग
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