-थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी ऊपर बह रही नदी
-भागलपुर में सरयू लाल निशान से 28 सेमी बह रही ऊपर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहजर/ भागलपुर। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है, जिससे नदी का पानी थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी ऊपर 67.25 मीटर पर बहने लगा है। चार दिनों बाद 24 घंटे में नदी का जलस्तर स्थिर है। इससे सरयू के पीछे लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं भागलपुर में उग्र रूप धारण कर चुकी सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर से कम होने लगा, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर कम होने से भले ही प्रशासनिक अधिकारियों से लगायत बाढ़ खंड के अधिकारी राहत महसूस कर रहे हों।
सरयू खतरे के निशान से 67.35 मीटर तक पहुंची थी। जलस्तर घटकर न्यूनतम हो गया था। नेपाल द्वारा दोबारा 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण चार दिनों से नदी के जलस्तर में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जो लाल निशान 66.50 से 75 सेमी से ऊपर 67.25 मीटर पर बह रही है। सरयू में सैलाब उमड़ने से राप्ती भी उफान पर है। नदी के जलस्तर में स्थिरता आने से कटइलवा, कुरह परसियां, कोलखास, टापू बने भदिला प्रथम गांव के लोगों ने राहत महसूस किया है, लेकिन दुश्वारियां ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार गांव के लोगों के लिए नाव से आवागमन करना मजबूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के लिए दो-दो नाव लगा रखा है। जो नाकाफी साबित हो रही है। बाढ़ खंड विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर थमने से कुछ हद तक राहत महसूस किया जा रहा है। नदी के एक बार फिर पीछे हटने की उम्मीद है। फिलहाल चिंता जैसी कोई बात नहीं है।
सरयू का जलस्तर घटा लेकिन दहशत कायम
भागलपुर प्रतिनिधि के अनुसार केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार मंगलवार दोपहर तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 64 मीटर 58 सेमी दर्ज किया गया है। नदी खतरे के निशान 64 मीटर 30सेमी से अब भी 28सेमी ऊपर बह रही है। नदी का पानी अब ऊपरी इलाकों से निकलने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई है। क्योंकि पशुओं के चारों का संकट पैदा हो गया है। एसडीएम बरहज अंगद यादव ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी हो रही है। निगरानी रखी जा रही है। तहसील प्रशासन मुस्तैद है।