दूसरे पक्ष के सात नामजद और आठ अज्ञात पर केस
सरांव गोलीकांड: एडीजी के आदेश पर दर्ज हुआ जानलेवा हमले का केस
एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर आंदोलित थे गोरखपुर के वकील
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। एकौना थाना क्षेत्र के सरांव गांव में 17 जनवरी को गोलीबारी की घटना में नया मोड़ आ गया है। एडीजी पुलिस गोरखपुर के आदेश पर गोली चलाने के आरोपी सूर्य प्रकाश शुक्ल की तहरीर पर बृहस्पतिवार की रात पुलिस ने दूसरे पक्ष के सात नामजद और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया है। इस मामले को लेकर गोरखपुर के अधिवक्ताओं ने एकौना पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। गोरखपुर कचहरी के वकील काम बंद कर दो दिन से आंदोलन कर रहे थे।
गोली चलाने के आरोपी सूर्य प्रकाश शुक्ल भी अधिवक्ता हैं। वह गोरखपुर कचहरी में विधि व्यवसाय करते हैं। आरोपी अधिवक्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता के निधन पर गांव आकर अंतिम संस्कार निपटाने के बाद 17 जनवरी को वापस गोरखपुर जा रहे थे। उनसे रंजिश रखने वालों ने उन्हें रास्ते में रोकर मारना-पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उनकी लाइसेंसी पिस्टल छीन ली। मारपीट में वह बुरी तरह घायल हो गए। उनका सिर कई जगह फट गया। हाथ की अंगुलियां टूट गई। आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए हमलावरों की तहरीर पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी पुलिस ने उनका इलाज नहीं कराया।
हालत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें जिला अस्पताल ले गई। जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। अधिवक्ता की सुनवाई नहीं होने पर गोरखपुर के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन शुरू दिया। मामले में एडीजी पुलिस ने एसपी देवरिया को केस दर्ज कर गंभीरता से जांच कराने के निर्देश दिए। एडीजी के निर्देश पर पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात सरांव बुुजुर्ग निवासी पंकज शुक्ला, ओम कुमार शुक्ला, भोला नाथ शुक्ला, मृत्युंजय शुक्ला, हर्षित तिवारी, पवन कुमार शुक्ला और प्रदीप कुमार शुक्ला सहित आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और जानलेवा हमले का केस दर्ज किया। इस बाबत एकौना थानाध्यक्ष बीबी राजभर ने कहा कि दोनों पक्षों से केस दर्ज हो गया है। मामले की गंभीरता से जांच हो रही है।
प्रधानी में हस्तक्षेप को लेकर पैदा हुई रंजिश
एकौना। संराव में गोलीबारी और मारपीट की घटना के पीछे प्रधानी में हस्तक्षेप बताया जा रहा है। मारपीट और गोली चलाने के आरोपी दोनों पक्ष ने मिलकर गांव के वर्तमान प्रधान का समर्थन किया था। प्रधान पर एक पक्ष का प्रभाव अधिक होने से दूसरे पक्ष के लोग नाराज हो गए। दोनों पक्षों में प्रधानी चलाने को लेकर वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई। गोलीबारी की घटना के कुछ दिन पहले चहारदीवारी गिराने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हुए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। संवाद