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- भटनी वाराणसी रेलखंड पर स्थित समपार फाटक पांच बंद होने से आक्रोषित है ग्रामीण
- पचीस से अधिक गांवो को जोड़ने वाली एक मात्र है सड़क, बंद होने से होगी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भटनी वाराणसी रेलखंड पर स्थित समपार फाटक पांच चकरवा ढाला बंद करने के दौरान लोगों ने विरोध जताया। लेकिन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक न सुनी। लोगों का कहना है कि ढाला बंद हो जाने से पचीस से अधिक गांवों के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होगी। उधर, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि हरेराम यादव ने डीआरएम को पत्र लिखकर ढाला चालू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर ढाला नहीं खोला जाता है तो आंदोलन किया जाएगा।
भटनी वाराणसी रेलखंड पर स्थित समपार फाटक पांच चकरवा ढाला से बरसीपार, हरनही, प्यासी, चकरवा बहोर दास, पिवकोल, गुमटही, पंडित हरैया, नदौली, परान छपरा, भीमपुर, बढ़पुरवा, चकरवा आश्रय दास समेत जनता इंटर कॉलेज चकरवा, नवजीवन पब्लिक स्कूल सलेमपुर के साथ अन्य कई गांव के लोगों के आने-जाने के लिए यह एक मात्र सड़क है। मंगलवार को रेलवे विभाग के अधिकारी जीआरपी और आरपीएफ टीम के साथ पहुंचे और ढाला बंद करने के लिए बुलडोजर लगाकर ढाला के बीच बनी पिच सड़क को खोदवाने लगे। जब इसकी जानकारी लोगों को हुई तो जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि हरेराम यादव के नेतृत्व में मौके पर लोग पहुंच गए और विरोध करने लगे। लेकिन, विभागीय अधिकारियों ने लोगों की एक न सुनी और समपार फाटक हमेशा के लिए बंद करा दिया। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों ने प्रर्दशन करते हुए विरोध जताया।
डीआरएम को दिए पत्र में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि हरेराम यादव ने कहा कि सलेमपुर में पहले से ही जाम की समस्या है। यह ढाला संचालित होने से हॉस्पिटल गेट के पास लगाने वाले जाम से लोगों को निजात मिलती थी। लेकिन रेलवे ने बिना किसी सूचना दिए इसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द रेलवे ढाला को खोला नहीं जाता है तो हम लोग बड़ा आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी रेलवे की होगी। आईडब्ल्यूओ दिलीप सिंह ने बताया कि रेलवे ने सलेमपुर को जोड़ने के लिए अपनी जमीन में सीसी रोड बनवा दिया है। ताकि लोगों को दिक्कत न हो। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर समपार फाटक पांच को बंद किया गया है।