फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबरी बोली सुग्रीव से मैत्री करिए प्रभु, वहीं जानकी का पता लगाएंगे: निहारिका

विज्ञापन
कथा व्यास निहारिकाकथा सुनाते हुए, श्रोत संवाद
विज्ञापन
- प्राचीन शिव मंदिर मठिया परिसर में चल रहे श्रीराम कथा का समापन
विज्ञापन


- जो पिता पुत्र के लिए करता है, वह भगवान राम ने जटायु के लिए किया
संवाद न्यूज एजेंसी

खुखुंदू। प्राचीन शिव मंदिर मठिया परिसर में चल रहे श्रीराम कथा का रविवार को समापन हो गया है। कथा के अंतिम दिन देवी निहारिका ने श्रोताओं को भगवान सुग्रीव से मैत्री और फिर रावण का वध कर सत्य पर विजय का प्रसंग बड़े ही मार्मिक ढंग से सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान चित्रकूट से पंचवटी पहुंचे। वहां सूर्पनखा का नाक-कान कटा। खर दूषण का संहार किया। फिर सूर्पणखा रोते हुए भाई रावण के पास पहुंची। रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण हरण कर लेता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भगवान माता जानकी का पता लगाते जटायु के पास पहुंचे तो जटायु ने बताया कि प्रभु रावण माता जानकी का हरण कर लें गया है। भगवान जटायु का अंतिम संस्कार कर जो पिता पुत्र के लिए करता है, वह भगवान ने जटायु के लिए किया। कथा को आगे बढ़ाते हुए देवी निहारिका ने बताया कि इसके बाद भगवान राम सबरी के कुटिया में पहुंचे। वहां वर्षों से तपस्या कर रही सबरी माता को फल प्रदान करते है। सबरी माता ने बताया कि सुग्रीव से मैत्री करिए वही जानकी का पता लगाएंगे। सुग्रीव से मित्रता करने के बाद भगवान राम बालि का वध करते हैं। सुग्रीव ने बानरी सेना और हनुमान के माध्यम से माता सीता का पता लगाया गया। प्रभु ने बानरी सेना के साथ समुद्र में पुल बनाकर उसके सहारे लंका पर चढ़ाई कर रावण का वध करते है और सत्य पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटते है। अयोध्या में प्रभु का राजतिलक बड़े ही धूमधाम से होता है। प्रभु का राजतिलक देख अयोध्या वासियों में खुशियां ही खुशियां दिखाई देने लगी। चहुंओर ढोल-नगाड़े बजाकर खुशी मनाई जा रही थी। कथा के बीच-बीच में संगीतमय भजन-कीर्तन चलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें