खुखुंदू थाना क्षेत्र के शेरवां बभनौली गांव का मामला
पीड़ित बोले-अगर बच्चे नहीं गए होते स्कूल तो हो जाता बड़ा हादसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के शेरवां बभनौली गांव में बुधवार को एक पक्के मकान के बरामदे की छत पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर ढहा दी। पीड़ित राजमिस्री ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने बुलाकर लौट आई।
उधर, जिस मकान की छत ढही है उसमें चार भाइयों का परिवार रहता है। परिजनों का कहना है कि संयोग अच्छा रहा कि जिस समय छत ढही, उस समय बच्चे स्कूल थे। वरना बड़ा हादसा हो जाता। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर कार्रवाई की बात कह रही है।
शेरवां बभनौली गांव निवासी छांगुर चौहान की गांव पर दो मंजिला मकान है। इसमें छांगुर, रामसकल चौहान, भागीरथी चौहान और स्वामीनाथ चौहान चारों भाइयों का परिवार रहता है। आपसी रजामंदी से छांगुर और स्वामीनाथ का दो मंजिले पर, जबकि अन्य दो का नीचे के मकान में परिवार रहता है। पड़ोसी और इनकी मकान सटी दीवार से बनी है। पड़ोसी नए मकान का निर्माण करा रहे हैं।
आरोप है कि मना करने के बाद भी बुधवार को दोपहर में पड़ोसी दीवार तोड़कर काॅलम ढालने लगे। हालांकि, इस दौरान छांगुर के परिवार के सभी सदस्य इधर-उधर गए थे। सिर्फ महिलाएं ही दरवाजे के बाहर बैठी थीं। इसी बीच पड़ोसी ने दीवार तोड़नी शुरू कर दी। इससे बरामदे की छत भरभराकर नीचे गिर पड़ी। परिजनों का कहना है कि चारों परिवार के बच्चे स्कूल गए हुए थे। नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो जाता। स्कूल से आने के बाद चारों परिवारों के बच्चे बरामदे में ही बैठकर पढ़ाई करते थे।
छांगुर का कहना है कि बरामदे से ही छत पर जाने के लिए सीढ़ी बनी थी। वह भी गिर गई। अब हम लोगों का परिवार कहां रहेगा। इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने कहा कि अभी मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसी बात है तो दोषियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।