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- देवरिया डिपो में परिवहन निगम की 73 व अनुबंधित 128 बसें
- जिम्मेदार ने कहा- चालक व परिचालक के साथ बसों की कमी के चलते आती है समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के 17 ऐसे मार्ग हैं जहां वर्षों से रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। ऐसे में इन मार्गों के लोग निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। क्षेत्रवासी व ग्रामीणों की मांग के बावजूद परिवहन निगम की ओर से बसों का संचालन नहीं किया जा सका है। देवरिया डिपो में परिवहन निगम की 73 और अनुबंधित 128 बसें हैं। इनकी मदद से रोडवेज प्रशासन जिले के प्रमुख मार्गों से यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करता है।
रोडवेज की बसों से हर दिन 28 से 30 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। हर दिन इन यात्रियों से किराए के रूप में निगम को 20 से 22 लाख रुपये की आय होती है। अच्छी आय होने के बावजूद रोडवेज प्रशासन यात्रियों को सुविधा नहीं दे पा रहा है। बस स्टेशन परिसर में यात्री व प्रशासनिक भवन का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। इससे यात्री तपती धूप में बसों का इंतजार करते हैं।
इन मार्गों पर नहीं है वर्तमान में रोडवेज की सेवा
जिला मुख्यालय से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बसें जो पहले चलती थीं, अब बंद कर दी गई हैं। इसमें देवरिया से विशुनपुर बाजार, हाटा, मुसहरी वृंदावन, बनकटा, बघौचघाट, बैकुंठपुर, नूनखार, भटनी, भिंगारी बाजार, भवानीछापर, भाटपाररानी, प्रतापपुर, रतसिया-प्रतापपुर मार्ग, मरकड़ा, देवरिया से हाटा खास मार्ग, बेलडाड़-कपरवार मार्ग, पकड़ी करायल, रुदलपुर सरांव खुर्द, बड़का गांव मार्ग पर रोडवेज की सेवा बंद होने से यात्री जिला मुख्यालय आने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेते हैं।
वर्जन
वर्तमान में देवरिया डिपो में चालक-परिचालक और बसों की कमी बड़ी समस्या बनी है। जिन मार्गों पर बसों का संचालन बंद है, इसकी रिपोर्ट हर माह उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। इधर कुछ नई बसें मिली हैं, जल्द ही इसका रूट चार्ट निर्धारित कर दिया जाएगा।
- मो. इरफान, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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प्रथम टेस्ट में 23 चालक पास, जाएंगे कानपुर
देवरिया। राजकीय आईटीआई परिसर में सोमवार को संविदाचालक भर्ती अभियान के तहत शिविर लगाया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मो. इरफान ने बताया कि वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पति त्रिपाठी, कार्यालय सहायक धर्मेंद्र और चंदन पांडेय ने आए चालकों में से 32 का टेस्ट लिया। इसमें 23 चालक प्रथम टेस्ट में पास हुए हैं। इन्हें अब द्वितीय चरण के टेस्ट के लिए कानपुर स्थित कार्यशाला में भेजा जाएगा।