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रोडवेज :होली पर यात्रियों को होगी असुविधा

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रोडवेज ने नही किया इंतजाम तो होली में बाहर से अनो वालो को होगी अ​सुविधा।संवाद
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- चालकों-परिचालकों की कमी और 15 से 20 बसों के कार्यशाला में खड़े होने से बढ़ सकती है समस्या
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- गोरखपुर, सलेमपुर, लार आदि जगहों के लिए रात्रिकालीन सेवा नहीं होने से देर से उतरने वाले यात्री होंगे परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। होली के उपलक्ष्य में 20 मार्च के बाद बाहर रहने वाले यात्रियों का आना शुरू हो जाएगा। पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, रोडवेज प्रशासन भी अपनी तैयारियां दुरुस्त करने का दावा कर रहा है। हालांकि बसों के सापेक्ष चालकों-परिचालकों की कमी, खराबी के चलते हर दिन 15 से 20 बसों का कार्यशाला में खड़े रहने से बाहर से आने वाले यात्रियों को दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यात्री बढ़े तो संचालन व्यवस्था फेल हो सकती है।
जिले के अधिकांश लोग दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ आदि जगहों पर रहकर नौकरी या रोजगार करते हैं। बाहर से आने वाले घर आकर पर्व मनाने के लिए अपनी तैयारियां कर रहे हैं, लेकिन रोडवेज प्रशासन अभी भी तैयारियों को अंतिम रूप नहींं दे पाया है। हालांकि अधिकारी अतिरिक्त बसों के संचालन की बात तो कर रहे हैं, हालांकि चालकों-परिचालकों का अभाव समस्या को बढ़ाएगी और इसे वह कैसे दूर करेंगे इसका सही जवाब वह भी नहीं दे पा रहे हैं, क्योंकि जो नए चालक आ रहे हैं। वह अधिकतम एक माह तक कार्य कर संविदा की नौकरी छोड़कर चले जा रहे हैं।
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देवरिया डिपो के पास है 128 बसों का बेड़ा
डिपो में वर्तमान में परिवहन निगम की 69 एवं 128 अनुबंधित बसों की फ्लीट है। निगम की 69 बसों के लिए निगम के नियमों के अनुसार 149 चालक चाहिए, जबकि अभी 107 चालकों से ही काम चलाया जा रहा है, जबकि 42 की कमी है। इसके अलावा यहां 428 परिचालकों का पद है जबकि वर्तमान में 296 परिचालक ही तैनात हैं। 132 की कमी का सीधा असर संचालन व्यवस्था पर प्रतिदिन पड़ रहा है। हर दिन डिपो में औसतन 15 से 20 बसें निगम की बसें खड़ी हो रही हैं, आम दिनों में तो किसी तरह संचालन व्यवस्था चल जा रही है, इधर हर दिन 28 से 30 हजार यात्री हर दिन बसों में यात्रा कर रहे हैं, लेकिन होली जैसे पर्व पर जब यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ेगी तो संचालन व्यवस्था कैसे सुधरेगी, अभी तक इसके लिए कोई ठोस पहल नहीं हो रही है।
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कहीं फेल न हो जाएं अधिकारियों के दावे
20 मार्च के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रतिदिन 35 से 40 हजार लोगों के आने की संभावना जताई जा रही है। भीड़ बढ़ी तो यात्रियों के सापेक्ष बेहतर सुविधा दे पाने में रोडवेज के अधिकारियों के दावे फेल हो जाएंगे।
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होली पर्व पर यात्रियों को मुख्यालय स्तर से अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। लोकल रूटों पर अनुबंधित बसों के सहारे बाहर से आने वाले यात्रियों को गंतव्य तक भेजा जाएगा। अभी डिपो में जो बसें उपलब्ध हैं, उनके सापेक्ष चालकों व परिचालकों की कमी है। जो संसाधन उपलब्ध है अभी उसी से काम चलाया जा रहा है। चालकों की भर्ती के लिए डिपो स्तर शिविर भी लगवाया जा रहा है।
-मो. इरफान, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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