जिला पंचायत सदस्य पद के दो उम्मीदवार अपनेे जीत का दावा करने लगे। इसको लेकर रविवार की रात मतगणना स्थल पर हंगामा हो गया। एक प्रत्याशी की जीत की घोषणा करने से नाराज दूसरे प्रत्याशी के समर्थकों ने आरओ को एक घंटे तक कमरे में बंधक बनाए रखा। इस दौरान समर्थकों के बीच कुर्सियां चलीं और झड़प भी हुई। सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से धर्मदेव यादव को जीत प्रमाण पत्र दे दिया गया।भटनी ब्लॉक के वार्ड संख्या 50 से धर्मदेव यादव और उपेन्द्र त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार थे। रविवार को मतगणना समाप्त होने के बाद समर्थकों ने 339 मतों से जीत होने की बात कह उपेन्द्र तिवारी को माला पहनाकर खुशी मनाने लगे। दूसरे तरफ धर्मदेव यादव को मामला पहनाकर उनके समर्थक जीत का दावा करने लगे। जबकि आरओ की ओर से किसी प्रत्याशी के पक्ष में जीत होने की घोषणा नहीं की गई थी। अलग-अलग जीत का दावा करने वाले प्रत्याशी और समर्थक एक दूसरे पक्ष पर उल्टा सीधा आरोप भी लगाने लगे। एसडीएम जयप्रकाश रात करीब 9 बजे पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। रात करीब 12 बजे आरओ श्यामबिहारी गुप्त ने धर्मदेव यादव को 72 मतों से जीत होने की घोषणा की। इसके बाद उपेन्द्र त्रिपाठी के समर्थक उग्र हो गए। इस दौरान दोनों प्रत्याशियों के समर्थक आपस में उलझ गए और कैंपस में रखी हुई कुर्सियां एक दूसरे के उपर चलाने लगे। उपेन्द्र त्रिपाठी और समर्थकों ने एक कमरे में आरओ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बंधक बना लिया। मामला बढ़ता देख एसडीएम ने डीएम के आदेश पर इस वार्ड से जुड़ी मतपेटिकाओं को सील करा दिया। इसके बाद लोगों ने आरओ को मुक्त किया।