संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उत्तर प्रदेश राईस मिल वेलफेयर एसोसिएशन ने डीएम दिव्या मित्तल को बुधवार को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा है कि मिलर विभिन्न क्रय एजेंसियों से मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों का खरीदें गए धान की कुटाई कर एफसीआई को संप्रदान करते है। इस कार्य के करने के उपरांत देयको का भुगतान एजेंसियों द्वारा किया जाता है। इसमें पीसीएफ संस्था द्वारा फोरटिफाइड चावल सहित कुटाई, सुखन अन्य देयकों के भुगतान में दस से पंद्रह प्रतिशत कमीशन की मांग वहां के लोगों द्वारा की जा रही है। मिलर जब अपने भुगतान के बारे में पीसीएफ कार्यालय जा रहे थे तो कहा जा रहा है कि शासन से पैसा आएगा तब पेमेंट होगा। लगातार चार माह से चक्कर काट मिलर तंग आ गए है। यूपीएसएस संस्था द्वारा वर्ष 2022-23 से सूख्न का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में मिलरों ने निर्णय लिया कि जब तक पीसीएफ, यूपीएसएस संस्थाओं से शत प्रतिशत भुगतान नहीं हो जाता है तब तक मिलर उन संस्थाओं खासकर पीसीएफ से कार्य नहीं करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष नागेंद्र मल्ल, अमर सिंह, कन्हैया लाल, क्षमा तिवारी, गंगा मद्देशिया, सत्येंद्र कुमार, रोहित गुप्ता, शिवदत सिंह, प्रभाकर राय, अरविंद मद्देशिया, वीरेंद्र सिंह, अमर सिंह, धर्मेंद्र गुप्ता आदि शामिल रहे।