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Deoria News: एंटी करप्शन की टीम ने राजस्व निरीक्षक को 25 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

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एन्टी करप्शन टीम ने राजस्व निरीक्षक को घुस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
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भूमि की आख्या लगाने के नाम पर मांगे थे रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। भूमि की आख्या लगाने के नाम पर रुपये मांगने वाले राजस्व निरीक्षक को एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने मंगलवार को सदर तहसील के पास से 25 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के खड़ाइच गांव निवासी इंद्रेश कुमार गुप्ता ने एंटी करप्शन गोरखपुर से शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर पैमाइश होने के बाद सरकारी पत्थर किसी ने उखाड़ दिया था। इसकी शिकायत उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस पर की तो मामले में सदर तहसील के राजस्व निरीक्षक जोखन प्रसाद धारा को आख्या देनी थी, इसके बदले में वह 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत पर मंगलवार को एंटी करप्शन के निरीक्षक शिव मनोहर यादव के नेतृत्व में टीम राजस्व निरीक्षक जोखन प्रसाद निवासी ग्राम झौरी थाना कैंपियरगंज, गोरखपुर को घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि कई बार राजस्व निरीक्षक से आख्या लगाने के लिए कहता रहा, लेकिन वह बिना रुपये लिए काम करने को तैयार नहीं थे। कोतवाल राहुल सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपी गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के झौरी गांव निवासी जोखन प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं रिश्वत लेने वाले कर्मचारी
देवरिया। बिना दाम के काम न करने कर्मचारियों को इससे पहले एंटी करप्शन की टीम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ चुकी है। एक बार फिर से यह साबित हो गया है कि सरकारी विभाग में रिश्वतखोर कर्मचारियों की जड़ें गहरी हैं।
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29 मार्च ट्रेजरी कार्यालय के लिपिक दिनेश उपाध्याय को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। अगस्त माह में खुखुंदू थाना क्षेत्र मरहवा गांव निवासी शत्रुध्न कुशवाहा ने एंटी करप्शन को शिकायत किया था कि खेत का नक्शा दुरुस्त कराने के नाम पर हल्का कानूनगो रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर 20 अगस्त को तहसील दिवस पर भूमि का पत्थर दुरुस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कार्रवाई की जिम्मेदारी हलका कानूनगो अशोक पांडेय को दी गई थी। इस पर टीम ने कानूनगो को घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया था। इसी तरह बिजली निगम कार्यालय पर तैनात वरिष्ठ लिपिक उग्रसेन सिंह को एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते पकड़ा था।
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