संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रामनाथ देवरिया दक्षिणी मोहल्ले में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को श्रद्धा व भक्ति के परिणाम पर चर्चा हुई।
साध्वी ऋद्धिमा ने कहा कि भगवान शरणागतों की हर प्रकार से सहायता करते हैं। विकास की अंधी दौड़ में संस्कारों को जीवित रखने के लिए कथाएं एक अद्वितीय साधन हैं। उन्होंने कहा कि संतों का सम्मान करने से विकास होता है और अपमान करने से विनाश की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि भगवान कण-कण में हैं।
इस दौरान पूर्व प्रधानाचार्य कैप्टन वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।