नदी का उग्र रूप देख हताश हो गए थे तटवर्ती गांवों के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी थाना घाट पर बने मीटर गेज पर रविवार को खतरे के निशान 66.50 से 45 सेमी ऊपर 66.95 मीटर पर बह रही थीं। नदी का उग्र रूप देख लोग हताश हो गए थे। लेकिन पिछले तीन दिनों से नदी के पीछे हटने से तटवर्ती गांवों के लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। जबकि दुश्वारियां त्यों की त्यों बनी हुई हैं।
सरयू के करवट लेने से नदी में सैलाब उमड़ आया है। पिछले करीब एक पखवारे से सरयू में निरंतर बढ़त दर्ज किया जा रहा था। नदी 66.15 से खतरे के निशान 66.50 को पार कर उच्चतम 67.50 मीटर तक पहुंच गई थी। जिससे लोगों को 1998 की याद ताजा हो रही थी। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के करीब 10 मुहल्लों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जबकि भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी में आई बाढ़ के कारण कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के लिए चारा का संकट बना हआ है। जबकि विषैले जीव-जंतुओं का भय और संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ गई है।
कोट-
पिछले तीन दिनों से जलस्तर में निरंतर कमी दर्ज किया जा रहा है। नदी 66.95 मीटर पर बह रही है। मीटर गेज के निकट सिल्ट जमना अच्छा संकेत है। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग देवरिया
इंसेट में-
उग्रसेन पुल से कपरवार संगम तट तक बनेगा डौलाबंद, होंगे कटान रोधी कार्य
बरहज। बाढ़ खंड विभाग लखनऊ की टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ कपरवार संगम तट से लेकर भागलपुर तक नदी किनारे के क्षेत्रों में नए-पुराने तटबंधों का दौरा किया। जहां टीम ने अधिकारियों से उग्रसेन पुल से कपरवार संगम तट तक डौलाबंद, जबकि जगह-जगह कटान रोधी कार्य कराने के लिए स्टीमेट तैयार करने को कहा। लखनऊ टीम के मुख्य अभियंता स्तर-एक आलोक कुमार जैन ने अधीक्षण अभियंता गोरखपुर दिनेश सिंह और स्थानीय अधिकारियों के साथ कपरवार, भागलपुर, पिंडी, लार आदि जगहों पर सरयू नदी के किनारे बने नए-पुराने तटबंधों का निरीक्षण किया। आलोक कुमार जैन ने अधिकारियों से नदी के उग्र रूप को देख कपरवार उग्रसेन पुल से संगम तट तक डौलाबंद, कटर, जबकि भागलपुर कस्बा और देवसिया में हो रहे कटान क्षेत्र में कटान रोधी कार्य कराने को कहा। जिसके लिए परियोजना बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मौके पर एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया, सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।