- दलील दी कि 1992 से ही पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है नगर पंचायत
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। नगर पंचायत लार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद से माहौल गर्म हो गया है। सवर्ण वर्ग के लोगों ने 32 वर्षों से लगातार आरक्षित होने का हवाला देते हुए आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। लार नगर पंचायत पहले जनवरी माह में जारी हुए परिसीमन में सामान्य वर्ग के लिए था, लेकिन हाल ही में आए परिसीमन में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है।
नाराज सवर्ण वर्ग के प्रत्याशियों ने प्रयागराज हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दायर की गई याचिका में बताया है कि 1992 में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद से ही नगर पंचायत लार पिछड़ा होता चला आ रहा है। जिससे सामान्य वर्ग के लोगों को चुनाव से बाहर रहना पड़ता है। जबकि लार नगर पंचायत में जनपद देवरिया की सभी नगर पंचायतों से अधिक सामान्य वर्ग के लोग हैं। ऐसे में सामान्य वर्ग के लोगों के मंसूबे पर पानी फिर रहा है।
इन्होंने दायर की है याचिका
हाईकोर्ट में दिग्विजय सिंह पुत्र अरुण कुमार सिंह पिपरा वार्ड लार ने आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर किया है। जिसमें मुख्य रूप से अरुण कुमार सिंह गुड्डू पिपरा वार्ड लार, रीमा सिंह पत्नी मनीष सिंह बौली वार्ड लार, चंद्र भूषण सिंह, विजय बहादुर सिंह पिपरा वार्ड लार, मनोज बरनवाल पिपरा वार्ड लार व मोहम्मद अहमद इकबाल बाजार वार्ड लार ने दायर किया है।
अभी दायर की गई याचिका की कोई अधिकारिक सूचना हमारे कार्यालय को नहीं प्राप्त हुई है। अगर याचिका की प्रति प्राप्त होती है तो सक्षम अधिकारी व शासन स्तर पर प्रेषित करूंगा। - राजननाथ तिवारी, ईओ नगर पंचायत लार