मोहन सेतु के निर्माण में देरी, पीपा का पुल के भी हटने से राहगीरों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है
2014 से पुल पर शुरु हुआ है निर्माण कार्य, नौ वर्ष बाद भी अधूरा
2024 में निर्माण कार्य पूर्ण करा लेने का है लक्ष्य, 20 फीसदी कार्य शेष
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी तट पर निर्माणाधीन मोहन सेतु पर हो रहे कार्य में पिछले चार दिनों से हो रही बारिश बाधा बन रही है। जिससे पुल निर्माण में कार्य करने वालों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। साथ ही पीपा का पुल भी हटा दिया गया है। मऊ जाने वाले लोगों को 35 किलोमीटर की अधिक दूरी तय कर जाना पड़ रहा है। फरवरी 2014 से शुरु हुआ कार्य नौ वर्ष बाद भी अधूरा है। हालांकि विभाग 2024 में पुल निर्माण कार्य पूर्ण करा लेने की कवायद कर रहा है। अब तक 80 फीसदी कार्य हो चुका है।
28 फरवरी 2014 को पुल का शिलान्यास किया गया था। जिसे 2018 में तैयार कर लिया जाना था। लेकिन धन के अभाव में परियोजना अधर में लटक गई थी। रिवाइज स्टीमेट पास होने के बाद पुल निर्माण में तेजी आई है। लेकिन मानसून के दस्तक देने और हो रही मूसलाधार बारिश से निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार मार्च 2024 तक लक्ष्य पूर्ण करा लेने का लक्ष्य है। लोगों के अनुसार बरसात का मौसम शुरु होने और अधूरे कार्य से लक्ष्य पूर्ण होना कोसों दूर लग रहा है। अधिकारियों के अनुसार 1200 मीटर लंबे और साढ़े आठ मीटर चौड़े पाट 37 पायों पर बनने वाले मोहन सेतु पर 35 पाये पूर्ण करा लिए गए हैं। जिसमें दो पायों पर नदी के अंदर कार्य कराना बाकी है। विभाग ने 20 पायों पर स्लैब तैयार करा दिया है। शेष पर कार्य कराया जा रहा है। बरसात के मौसम को लेकर विभाग की ओर से नदी के ऊपर पायों पर स्लैब डालने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन हो रहे अत्यधिक बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। कार्य कर रहे कर्मचारियों की सांसें फूल रही हैं।
इंसेट में-
एक पखवारे में ही बंद हो गया था पीपा पुल, सेतु बनने से जनपद-गैरजनपद के गांवों का होगा विकास
बरहज। सरयू नदी तट पर निर्माणाधीन मोहन सेतु के बनकर तैयार होने से सटे जनपद-गैरजनपद के गांवों के विकास का रास्ता खुल जाएगा। नदी के रास्ते रोजाना हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण लोगों को जान जोखिम में डाल नाव आदि के जरिए, जबकि दोहरीघाट और बेल्थरा के रास्ते अधिक दूरी तय करना मजबूरी है। 15 नवंबर से 15 जून तक चलने वाला पीपा पुल भी इस बार 15 दिन के भीतर जवाब दे गया था।
कोट-
हो रही बारिश से कार्य में दिक्कतें पेश आ रही हैं। लेकिन बरसात को देखते हुए नदी के ऊपर पायों के निर्माण और स्लैब डालने का कार्य कराया जा रहा है। बरसात बाद नदी के अंदर के शेष दो पायों को तैयार कराते हुए अप्रैल के अंत तक पुल पूर्ण करा लेने का अनुमान है।
एसएन पांडेय जेई, मोहन सेतु