संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। नौतन हथियागढ़ पुल से नौवीं की छात्रा ने सोमवार को छोटी गंडक नदी में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उसका शव मंगलवार की शाम बरामद हुआ। छात्रा की साइकिल, बैग व जूती पुल पर मिली, लेकिन बैग से सुसाइड नोट गायब होने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब किशोरी ने पुल से छलांग क्यों लगाई इस रहस्य से पर्दा भी नहीं उठ सकेगा।
कुशीनगर जिले के रामकोला क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्ष की किशोरी तरकुलवा इलाके के रहने वाले अपने मामा घर रहकर पढ़ती थी। छात्रा के नानी की दो साल पहले मौत हो गई थी। घर पर मामा व मामी ही थे। इसलिए मामा ने अपनी बहन की बेटी को यहां बुला लिया था। तभी से वह यहीं रहकर अपनी मामी के साथ घर के कामकाज में हाथ बंटाती थी। वह रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के एक स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। रोज की तरह वह सोमवार को स्कूल गई थी। वहां से लौटते समय उसने नौतन हथियागढ़ पुल पर अपनी साइकिल, बैग और जूती रखकर गंडक नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के नदी में छलांग लगाने के बाद घटना स्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैग में कुछ किताबें थीं। उसी में छात्रा ने एक सुसाइड नोट रखा था, कुछ लड़कों ने अपने मोबाइल से सुसाइड नोट का फोटो भी लिया, लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही सुसाइड नोट रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। अब सुसाइड नोट के गायब होने की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि बैग से उसको किसने गायब कर दिया। इधर, गांव के लोगों का कहना है कि छात्रा किसी से मोबाइल फोन से बात करती थी, जिसे लेकर उसकी मामी ने उसे डांट दिया था और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। ै