देवरिया। त्योहार नजदीक आते ही मिलावटी मिठाई और खाद्य पदार्थों से बाजार पट गया है। थोड़े मुनाफे के चक्कर में कुछ दुकानदार मिलावटी सामान बेच रहे हैं। जिनका सेवन कर स्वास्थ्य खराब हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि स्वयं सतर्क रहें और देख-समझ कर ही खाद्य सामग्रियों की खरीदारी करें।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग के छापे में आए दिन मिलावटी मिठाई व अन्य मिलावटी खाद्य सामग्री पकड़ी जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवेंद्र गुप्ता ने बताया कि मिठाई में सीधे कुछ नहीं मिलाया जाता है, बल्कि इसे बनाते वक्त इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, चांदी के वर्क, चीनी या ऑयल में मिलावट की जाती है। चांदी के वर्क में एल्युमिनियम मिला दिया जाता है। दूध में यूरिया, रंग, वाशिंग पाउडर मिला देते हैं। घी में चर्बी मिला दी जाती है। मावा में अरारोट व चीनी मिला दिया जाता है। इसलिए रंग-बिरंगी मिठाई खरीदने से बचें।
ऐसे करें मिलावट की पहचान
- रंग वाली मिठाई को हाथ में लेकर चेक करें। अगर हाथ में रंग नहीं लग रहा तो रंग की मिलावट नहीं है।
- मावा में सबसे ज्यादा मिलावट की जाती है। इसकी पहचान करने के लिए फिल्टर पर आयोडीन की दो बूंदें डालें, अगर रंग काला हो जाए तो इसमें मिलावट है।
- अगर खोया बहुत दानेदार है तो समझें इसमें किसी तरह की मिलावट की गई है। शुद्ध खोया एकदम चिकना होता है।
- मिठाई पर लगे चांदी के वर्क में मिलावट की जाती है। आप वर्क को जलाकर चेक कर लें। असली वर्क जलने पर छोटी गोलीनुमा बन जाएगा और नकली वर्क ग्रे कलर का जला हुआ कागज जैसा लगेगा।
- मिठाई खरीदने से पहले चख लें, इससे बासी और ताजी का पता चला जाएगा। अगर मिठाई थोड़ी कड़ी और सूखी है तो पुरानी हो सकती है।
- केसर वाली मिठाई खरीद रहे हैं तो उसे पानी में डालकर चेक कर लें, अगर रंग निकल रहा है तो समझें केसर नहीं कलर मिलाया है। अगर रंग नहीं निकल रहा तो असली केसर है।