नौ जून को शटडाउन लेकर जंपर ठीक करने के दौरान झुलस गए थे अजीत
अधिकारियों के आश्वासन के बाद माने
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज/मगहरा। क्षेत्र के कसिली-सतरांव विद्युत निगम कार्यालय पर बृहस्पतिवार को संविदा लाइनमैन का शव रखकर परिजनों ने निगम के खिलाफ ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ देर के लिए आपूर्ति भी ठप कर दी गई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन माने।
महुआबारी निवासी और संविदा लाइनमैन अजीत प्रसाद (42) पुत्र सुखदेव प्रसाद नौ जून को शटडाउन लेकर परसियां भगवती में जंपर जोड़ रहे थे। इसी बीच आपूर्ति बहाल हो गई। इससे वह बुरी तरह से झुलस गए थे। अजीत का महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में इलाज चल रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ जाने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें गोरखपुर मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। जहां रास्ते में उनकी मौत हो गई।
अजीत की मौत की जानकारी होने पर घर में चीख-पुकार मच गई। लोग उनका शव लेकर उपखंड कार्यालय पहुंच गए। जहां विभागीय लापरवाही से हुई मौत का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। परिजन एसएसओ और अधिकारियों को कसूरवार ठहरा रहे थे। जानकारी होने पर एसडीएम अंगद यादव, सीओ आदित्य कुमार गौतम, एसडीओ-2 राधेश्याम चौहान, इंस्पेक्टर राहुल सिंह और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ढाई घंटे तक मान-मनौव्वल के बाद परिजन माने। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। एसडीओ राधेश्याम चौहान ने बताया कि उच्चाधिकारियों से बात कर पत्नी को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। घटना की जांच कराई जाएगी।
इंसेट में-
परिवार के अकेले कमाऊ सदस्य थे अजीत
बरहज/मगहरा। कसिली फीडर के संविदा लाइनमैन अजीत कुमार की मौत से पत्नी सीमा देवी दहाड़ें मारने लगीं। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। अजीत परिवार के अकेले कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से गांव और क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया।