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पिपरा विठ्ठल गांव का मामला, आमरण अनशन की कर रहे तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा विठ्ठल गांव में चकबंदी के विरोध में किसानों का क्रमिक अनशन छठवें दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसान विरोध के बावजूद चकबंदी प्रक्रिया चालू रखने और किसानों से वार्ता को किसी जिम्मेदार अधिकारी के नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। किसानों ने कहा कि अब किसान बहुत जल्द आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भटनी के पिपरा विठ्ठल में चकबंदी के विरोध में किसान 2014 से मुखर है। वहीं सोमवार से गांव व अन्य तीन गांवों के किसान क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। किसानों की मांग है कि गांव में सार्वजनिक बैठक तय हो जिसमें सबकी सहमति के बाद ही गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू की जाए। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग के जिम्मेदार किसानों को डरा धमका कर जबरन गांव में चकबंदी कर रहे हैं। इसके अलावा किसानों को मनमाफिक चक देने का झांसा देकर मोटी रकम वसूली जा रही है।
किसान बैजनाथ यादव ने कहा कि गांव में चकबंदी के नाम पर किसानों की जमीन हड़पी जा रही है। छोटे काश्तकारों को भूमिहीन बनाने की चाल चली जा रही है। स्वामीनाथ यादव ने कहा कि क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों की बात नहीं सुनी गई तो बहुत जल्द किसान चकबंदी के विरोध में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
इस दौरान बृजकिशोर यादव, आशीष सिंह, पवन यादव, वीरेंद्र गिरी, अनिल यादव, हरिशंकर सिंह, संजय गिरी, छट्ठू यादव आदि उपस्थित रहे।